पटना: बिहार सरकार ने लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की. इस मौके पर उन्होंने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. सरकार का लक्ष्य है कि अभियान के जरिए राज्य के करीब 6 करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच उनके घर के पास ही कराई जाए.
तीन महीने तक चलेगा अभियान
‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान बिहार के सभी जिलों में अगले तीन महीने तक चलाया जाएगा. इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी. खासतौर पर ऐसी बीमारियों की समय रहते पहचान पर जोर दिया जाएगा, जिनका शुरुआती चरण में पता चलने पर इलाज आसान हो सकता है.
अभियान में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी. स्वास्थ्यकर्मी लोगों को बीमारियों से बचाव और नियमित जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी देंगे.
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
इस अभियान में एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रहेगी. ये स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगे और जरूरत के अनुसार स्क्रीनिंग करेंगे.
अगर किसी व्यक्ति में गंभीर बीमारी के संकेत मिलते हैं, तो उसे आगे की जांच और इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या बड़े अस्पताल में भेजा जाएगा. इससे गंभीर बीमारियों की पहचान में देरी कम करने की कोशिश की जाएगी.
अस्पतालों की व्यवस्था भी होगी बेहतर
पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मिशन कायाकल्प’ शुरू करने की भी घोषणा की. इसके तहत गांवों और ग्रामीण इलाकों में मौजूद अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा.
सम्राट चौधरी ने सभी जिलाधिकारियों को अभियान की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को उनके घर तक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता से जोड़ना है, ताकि बीमारी का समय पर पता चल सके और मरीजों को जल्द इलाज मिल सके. इस पहल के जरिए सरकार ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य जांच पहुंचाने की कोशिश कर रही है.












