नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। सीने में संक्रमण के बाद दिल्ली के अस्पताल में कुछ दिन भर्ती रहे आडवाणी को सोमवार को छुट्टी दे दी गई। उनकी उम्र 98 साल है और हालत में सुधार के बाद ही उन्हें घर भेजा गया।
16 अक्टूबर को हुए थे भर्ती
आडवाणी को 16 अक्टूबर को इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका इलाज न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में चल रहा था। अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि सीने के संक्रमण के कारण भर्ती किए गए आडवाणी की सेहत में सुधार हुआ है, इसलिए उन्हें आज छुट्टी दी जा रही है।
कुछ दिन पहले पीएम मोदी ने की थी मुलाकात
इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को आडवाणी के नई दिल्ली स्थित आवास पहुंचे थे और उनका आशीर्वाद लिया था। प्रधानमंत्री ने X पर लिखा था कि सार्वजनिक सेवा में आडवाणी के दशकों के योगदान ने देश के राष्ट्रीय जीवन पर अमिट छाप छोड़ी है और उन्होंने भारत की प्रगति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। मोदी 7 अक्टूबर 2001 से लगातार सरकार प्रमुख के पद पर हैं। पहले वे तीन कार्यकाल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और फिर तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री बने। इस तरह वे करीब 25 साल से सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।
आडवाणी की विरासत
आडवाणी ने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 1999 से 2004 तक गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वे 2002 से 2004 तक उप प्रधानमंत्री भी रहे। उनका जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वे 1942 में आरएसएस से स्वयंसेवक के रूप में जुड़े। इसके बाद उन्होंने भारतीय राजनीति में अहम भूमिका निभाई। वे 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक तीन अलग-अलग कार्यकालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से वे सबसे लंबे समय तक इस पद पर रहने वाले अध्यक्ष हैं।
देश के प्रति उनके योगदान को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले साल मार्च में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। करीब तीन दशक लंबे संसदीय करियर में आडवाणी को उनके अडिग सिद्धांतों और नेतृत्व के लिए खूब सराहा गया है।












