नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की हाई लेवल बैठकों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वैश्विक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और भारत-पाकिस्तान जैसे विवादों को सुलझाने में यह नाकाम साबित हो रही है। पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि दुनिया के लिए यह बेहतर होता अगर कोई ऐसी सक्षम अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था होती जो वैश्विक टकरावों को समय रहते रोक सके और उनका हल निकाल सके। उन्होंने माना कि संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में बड़ी क्षमता है, लेकिन वे अपनी पूरी ताकत के साथ काम नहीं कर पा रही हैं।
बड़े संघर्षों को सुलझाने में नाकाम अंतरराष्ट्रीय ढांचा
अमेरिकी विदेश मंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के कई नेता खुद इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि मौजूदा व्यवस्था नाकाम हो रही है। उनके मुताबिक इसकी वजह यह है कि यह व्यवस्था अपने तय दायरे और मूल मकसद से कहीं आगे बढ़ चुकी है और उन मुद्दों में उलझ गई है, जो इसके काम का हिस्सा ही नहीं थे।
नतीजा यह है कि आज यह किसी भी बड़े वैश्विक संघर्ष को सुलझाने में असमर्थ नजर आती है। रुबियो ने कहा कि इन संस्थाओं को अपने असली मकसद और सही भूमिका की ओर लौटने की जरूरत है।
भारत-पाक विवाद का किया सीधा जिक्र
रुबियो ने अपनी बात में सीधे तौर पर भारत-पाकिस्तान तनाव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि थाईलैंड-कंबोडिया के बीच हुई जंग हो या भारत-पाकिस्तान के बीच का झगड़ा, फिलहाल दुनिया के पास ऐसा कोई कारगर तंत्र नजर नहीं आता जो इन विवादों को सुलझा सके।
रुबियो ने स्पष्ट किया कि जब तक व्यवस्था नाकाम रहेगी, तब तक संप्रभु देश अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही फैसले लेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी नीति हमेशा अपने देश के हितों को सबसे ऊपर रखेगी, न कि किसी वैश्विक व्यवस्था को। गौरतलब है कि रुबियो का यह बयान उस दिन आया जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने UNGA मंच से भारत-पाकिस्तान युद्ध सुलझाने का दावा दोहराया था, जिसे भारत हमेशा खारिज करता रहा है। वहीं सूत्रों के मुताबिक रुबियो 19 अक्टूबर को भारत दौरे पर आ सकते हैं।












