यमुना में ओवरलोड स्टीमर और नावों से हादसे का खतरा, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

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वृंदावन: यमुना में यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर ओवरलोड स्टीमर और नावों का संचालन किया जा रहा है। क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर यमुना पार कराई जा रही है, जबकि सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में स्टीमर और नावों का संचालन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं। मांट तहसील को जिला मुख्यालय और वृंदावन से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से केशीघाट और देवरहा बाबा घाट पर हर साल पौंटून पुल का निर्माण कराया जाता है। सामान्य तौर पर यह व्यवस्था मध्य अक्टूबर तक की जाती है। इस बार टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण पौंटून पुल का निर्माण नहीं हो सका है। इससे यमुना पार आवागमन करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल नहीं होने की स्थिति में स्टीमर के जरिए यात्रियों को यमुना पार कराया जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार और संचालक निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।

क्षमता से अधिक यात्री और लाइफ जैकेट की कमी से हादसे का खतरा

नियमानुसार, जून से मध्य अक्टूबर तक पौंटून पुल नहीं होने की स्थिति में टेंडर प्रक्रिया के तहत स्टीमर का संचालन कराया जाता है। लेकिन वर्तमान में स्टीमर में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाए जाने और लाइफ जैकेट की व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजामों की अनदेखी से हादसे का खतरा बना हुआ है। यमुना में तेज बहाव या किसी अन्य कारण से स्टीमर का संतुलन बिगड़ने पर यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। इसके बावजूद ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक नजर नहीं आ रही है।

अप्रैल के नाव हादसे के बाद फिर लापरवाही के आरोप

गौरतलब है कि बीती 10 अप्रैल को यमुना में यात्रियों से भरी नाव डूबने से कई लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने मोटर बोट और नावों के संचालन को लेकर सख्ती दिखाई थी। सुरक्षा के मद्देनजर यात्रियों की संख्या निर्धारित करने और लाइफ जैकेट अनिवार्य करने जैसे नियम बनाए गए थे। शुरुआत में इन नियमों का पालन कराने पर जोर दिया गया, लेकिन अब फिर से लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग पर रोक नहीं लगाई गई और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं कराया गया तो किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।

जिलाधिकारी से जांच और पौंटून पुल निर्माण की मांग

स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर यमुना में संचालित स्टीमर और नावों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और प्रत्येक स्टीमर व नाव में पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही पौंटून पुल के निर्माण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराकर लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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