नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच महिला संगठन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। महिला तृणमूल के लोकतांत्रिक गुट की अध्यक्ष सबीना यास्मीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब मित्रा को भेजा है। साथ ही विधायकों के व्हाट्सऐप ग्रुप में भी अपने फैसले की जानकारी दी है। सबीना के इस्तीफे को ऋतब्रत बनर्जी गुट के लिए पहला झटका माना जा रहा है।
सबीना यास्मीन ने अपने इस्तीफे की वजह स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को बताया है। इंडिया टुडे से बातचीत में उन्होंने कहा कि खराब सेहत के चलते उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। फिलहाल उनके इस्तीफे के पीछे किसी अन्य कारण की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने बयान में पार्टी के भीतर चल रहे विवाद या किसी राजनीतिक मतभेद को इस्तीफे की वजह नहीं बताया है। ऐसे में फिलहाल उनके फैसले को स्वास्थ्य से जुड़ा मामला माना जा रहा है।
ऋतब्रत बनर्जी गुट से जुड़ी थीं सबीना
सबीना यास्मीन महिला तृणमूल के उस धड़े की अध्यक्ष थीं, जिसे ऋतब्रत बनर्जी गुट का समर्थन प्राप्त था। पार्टी के भीतर समीकरण बदलने के बाद वह इस गुट के साथ आई थीं। इसके बाद उन्हें महिला संगठन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
ऐसे समय में उनका पद छोड़ना अहम माना जा रहा है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर अलग-अलग गुटों को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, इस्तीफे के पीछे गुटीय खींचतान होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
अब किसे मिलेगी संगठन की जिम्मेदारी?
सबीना यास्मीन के इस्तीफे के बाद महिला तृणमूल के इस धड़े में नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है और पार्टी आगे क्या कदम उठाती है। फिलहाल पार्टी की ओर से नए अध्यक्ष की नियुक्ति या आगे की व्यवस्था को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सबीना के इस्तीफे से संगठन पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो सकेगा।












