नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जून में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट के दौरान एक छात्र एक्टिविस्ट के पिता पर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने किए को आत्मरक्षा बताया है। आरोपी ने दावा किया कि भीड़ उसे पीट-पीटकर मारने वाली थी, इसलिए उसने लोहे के कड़े से वार किया।
आत्मरक्षा में किया हमला, कोई पछतावा नहीं
NDTV से बातचीत में खुद को हिंदू और गौ रक्षक बताने वाले भारद्वाज ने कहा, मैंने आत्मरक्षा में निशु के पिता के सिर पर अपने कड़े से वार किया था। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। उसने आगे कहा कि अगर मुझे फिर से उसी तरह घेरा गया और निशाना बनाने की कोशिश की गई, तो मैं एक बार फिर अपने कड़े से वार करूंगा।
यह हमला जुलाई में हुए एक प्रोटेस्ट के दौरान CJP की युवा प्रोटेस्टर निशु के पिता संजय कुमार पर हुआ था। इसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। भारद्वाज पर ही हमला करने का आरोप है।
पॉडकास्ट में डींग, फिर कहा मजाक था
पॉडकास्ट के एक वायरल क्लिप में भारद्वाज यह कहते सुनाई दे रहा है, मैंने निशु के पिता की खोपड़ी फोड़ दी थी। धारा 307 लगती है। उन्हें 60 टांके लगे थे। गंभीर हालत में एम्बुलेंस में ले जाया गया। उनकी बेटी थाने के बाहर आत्महत्या की धमकी दे रही थी, लेकिन मुझे जेल भी नहीं हुई। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।
वायरल होने के बाद उसने बयान बदल दिया। NDTV से कहा, मैं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हूं, इसलिए जो कहा मजाक में कहा था। जंतर-मंतर पर मैं भीड़ से घिरा था और भीड़ मुझे मारने ही वाली थी।
CJP का मार्च, गिरफ्तारी की मांग
इस मामले को लेकर CJP समर्थकों ने पटेल चौक से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन तक मार्च किया। प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका की अगुवाई में समर्थक गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी थाने के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुए।
सौरव दास ने कहा, एक नाबालिग लड़की पहले दिन से हमारे प्रोटेस्ट से जुड़ी है। उसके पिता संजय जी भी आते हैं। जब हम शांतिपूर्ण धरना कर रहे थे तो एक आपराधिक गिरोह के सदस्य घुस आए और हिंसा की।
FIR दर्ज होने के बाद हमने हत्या की कोशिश की धारा जोड़ने और SC/ST एक्ट लगाने की मांग की क्योंकि पीड़ित दलित परिवार से हैं। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और कोर्ट जाने को कहा। CJP हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करने और FIR की धाराओं को बदलने की मांग कर रही है।
दिल्ली पुलिस का फैक्ट चेक
विरोध के बाद दिल्ली पुलिस ने FIR में SC/ST एक्ट जोड़ा है और पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच का फैसला किया है। हत्या की कोशिश का मामला मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर तय होगा।
गुरुवार शाम पुलिस ने फैक्ट चेक जारी कर कहा, RML अस्पताल के डॉक्टरों ने संजय कुमार की जांच की और चोटों को मामूली बताया। चोटें कड़े से लगी थीं, हथियार से नहीं। खोपड़ी में फ्रैक्चर की बात बेबुनियाद है और MLC से मेल नहीं खाती।












