नई दिल्ली: नशे के बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसने और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई को और धार देने की दिशा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने क्षमता निर्माण की अहम पहल की। एनसीबी की ओर से भोपाल स्थित सशस्त्र सीमा बल अकादमी में वरिष्ठ कमांडेंट स्तर के अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मादक पदार्थ नियंत्रण संबंधी दृष्टि दस्तावेज 2026-29 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अधिकारियों को कानून, कार्रवाई और बदलते तस्करी के तौर-तरीकों से अवगत कराना रहा।
ऑपरेशन नशामुक्ति और एनडीपीएस अधिनियम की जानकारी
इस प्रशिक्षण सत्र में अफसरों को ऑपरेशन नशामुक्ति की पूरी पटकथा समझाई गई। सत्र के दौरान सशस्त्र सीमा बल के 16 अधिकारियों को एनडीपीएस अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों को मादक पदार्थों की पहचान और कार्रवाई से लेकर तलाशी जब्ती और आरोपियों की गिरफ्तारी से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में संवेदनशील किया गया।
प्रशिक्षण में केवल कानून की धाराओं तक बात सीमित नहीं रही बल्कि नशे के कारोबार का बदलता चेहरा भी सामने रखा गया। अधिकारियों को मादक पदार्थों की तस्करी के वर्तमान और उभरते रुझानों तस्करों के नए तौर-तरीकों तथा उनसे निपटने के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
एजेंसियों के बीच समन्वय और दृष्टि दस्तावेज 2026-29
सत्र में विभिन्न सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को भी प्रभावी मादक पदार्थ नियंत्रण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। साथ ही, दृष्टि दस्तावेज 2026-29 के प्रभावी क्रियान्वयन में संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। एनसीबी की यह पहल इस दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में कानून की समझ, जमीनी कार्रवाई और एजेंसियों के बीच तालमेल को एक साथ मजबूत किया जाए।












