नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है। सोमवार को पटना में बीजेपी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से सड़क पर उतरे और खरगे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इनकम टैक्स गोलंबर तक मार्च, मांगी माफी
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी दफ्तर से इनकम टैक्स गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने ‘बुजुर्ग खरगे शर्म करो, अपशब्द बोलना बंद करो’ जैसे नारे लगाए। डाक बंगला चौराहे पर खरगे का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शन में पार्टी ने सभी मोर्चा और प्रकोष्ठों को जुटने का आह्वान किया था।
📍पटना कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के पूज्य पिताजी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा प्रदेश कार्यालय से डाकबंगला चौराहा तक आयोजित जन आक्रोश मार्च में सम्मिलित होकर पुतला दहन किया। कांग्रेस नेतृत्व की ऐसी अपमानजनक भाषा निंदनीय है। मल्लिकार्जुन खड़गे को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। @BJP4India @BJP4Bihar #ShameOnCongress
— Sanjay Saraogi (@sanjay_saraogi) October 26, 2026
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि खरगे और राहुल गांधी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दोनों नेताओं को कान पकड़कर उठक-बैठक लगाकर माफी मांगनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक कांग्रेस नेतृत्व माफी नहीं मांगता, विरोध जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में मुस्लिम समाज के कुछ युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से बिहार के मुसलमानों से माफी मांगने की मांग की।
क्या कहा था खरगे ने?
दरअसल रविवार को पटना में कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान विवाद शुरू हुआ। एक कार्यकर्ता ने मंच से कहा कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, मोदी सरकार नहीं हटेगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा था – ‘मोदी क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।’ बस इसी टिप्पणी के बाद बीजेपी हमलावर हो गई। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। बीजेपी ने इसे अपमानजनक बयान बताते हुए कांग्रेस पर देश की संस्कृति का अपमान करने का आरोप लगाया है। फिलहाल इस बयान को लेकर दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।












