अंकिता को इंसाफ मिला नहीं, राज्यपाल की कुर्सी पर सवाल उठे! इंडिया गेट पर परिवार की गुहार से गरमाई सियासत

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दिल्ली के इंडिया गेट पर बुधवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी परिवार से मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान उन्होंने माता-पिता से मामले की जानकारी ली और उनकी बातें सुनीं। परिवार का विरोध भाजपा नेता बताए जा रहे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से जुड़ा है।

परिजनों का कहना है कि जब तक उनके खिलाफ मांगी जा रही सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। इस घटनाक्रम के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा में आ गया है। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और मांगों को जांच के निष्कर्षों से अलग रखकर देखना जरूरी है।

पिता ने राष्ट्रपति से की नियुक्ति रोकने की अपील

अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति से अपील की है कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। उनकी मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति की प्रक्रिया रोक दी जाए। पिता का कहना है कि उनके विचार में संबंधित व्यक्ति को पद देने के बजाय जांच का सामना करना चाहिए। परिवार अपनी बेटी की मौत से जुड़े सवालों के जवाब चाहता है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। यह परिवार का पक्ष है। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी के बारे में अंतिम निष्कर्ष सबूतों और जांच के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

मां सोनी देवी ने भी राष्ट्रपति से लगाई गुहार

अंकिता की मां सोनी देवी ने भी नियुक्ति की खबर सुनकर दुख जताया। उनके मुताबिक, 12 अक्टूबर को जब उन्हें दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी मिली, तो परिवार को गहरा सदमा लगा। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की कि एक मां के दर्द को समझते हुए जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने पर विचार किया जाए। परिवार चाहता है कि मामले में पारदर्शिता बनी रहे और जांच से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिलें।

2022 के हत्याकांड ने फिर खींचा ध्यान

अंकिता भंडारी की 2022 में उत्तराखंड में हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने उस समय भी व्यापक आक्रोश पैदा किया था। अब परिवार के दिल्ली पहुंचने और राज्यपाल की नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाने से यह मामला फिर सुर्खियों में है। परिजन चाहते हैं कि जांच बिना किसी दबाव के आगे बढ़े और उन्हें न्याय मिले। उनका कहना है कि मामले से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब मिलना जरूरी है।

अब जांच और सरकारी फैसले पर नजर

इंडिया गेट पर हुई मुलाकात के बाद सभी की नजर परिवार की मांग पर सरकार और संबंधित अधिकारियों के रुख पर रहेगी। मुख्य सवाल यह है कि सीबीआई जांच की स्थिति क्या है और परिवार की आपत्तियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं। परिवार की बात सुनना और जांच के तथ्यों के आधार पर स्पष्ट जानकारी देना इस विवाद को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

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