मदर्स डे पर लोग अपनी मां को तोहफे, सरप्राइज़ और दिल को छू लेने वाले संदेश देकर खुश करने की कोशिश करते हैं. अगर आप इस बार अपनी मां को सचमुच कोई खास और काम का तोहफा देना चाहते हैं तो उनकी सेहत को सबसे ज्यादा अहमियत देना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है. औरतें अक्सर अपने परिवार की देखभाल में इतनी डूबी रहती हैं कि वे अपनी सेहत पर ध्यान देना भूल जाती हैं. यही लापरवाही आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है.
हर साल कराएं बॉडी टेस्ट
इस मदर्स डे पर आप अपनी मां को जो सबसे बड़ा तोहफा दे सकते हैं, वह है अच्छी सेहत का तोहफा. जैसे-जैसे औरतों की उम्र बढ़ती है उनके शरीर में कई तरह के हार्मोनल और शारीरिक बदलाव आते हैं. हमारी मां अक्सर अपनी सेहत से ज्यादा घर की जिम्मेदारियों को अहमियत देती हैं. लेकिन 40 या 50 साल की उम्र पार करने के बाद उनमें कुछ खास बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. इस मदर्स डे पर आप उन्हें एक पूरा हेल्थ चेकअप तोहफे में दे सकते हैं. समय पर ये 5 जरूरी टेस्ट करवाने से वे भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सकती हैं और उनकी लंबी उम्र भी पक्की हो सकती है.
ब्लड प्रेशर की जांच
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है हाई ब्लड प्रेशर अक्सर एक ‘साइलेंट किलर’ का काम करता है. मेनोपॉज़ के बाद औरतों में दिल की बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. औरतों को स्ट्रोक या हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से बचने के लिए नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच और दिल की सेहत की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. बढ़ती उम्र की वजह से टाइप 2 डायबिटीज़ और हाई कोलेस्ट्रॉल होने का खतरा बना रहता है. Healthline के अनुसार 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को हर तीन साल में ब्लड शुगर टेस्ट और हर पांच साल में लिपिड प्रोफ़ाइल टेस्ट करवाना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि शरीर में शुगर और फैट का स्तर कंट्रोल में रहे.
मैमोग्राम (ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग)
औरतों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. 40 साल से ज्यादा उम्र की औरतों को हर 1 से 3 साल में मैमोग्राम करवाना चाहिए. यह टेस्ट शुरुआती दौर में ही गांठों या किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है जिससे इलाज करना काफी आसान और असरदार हो जाता है.
बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA स्कैन)
जैसे-जैसे औरतों की उम्र बढ़ती है उनकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं. इस स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस कहते हैं. MedlinePlus के अनुसार 65 साल की उम्र के बाद या मेनोपॉज़ के दौरान हड्डियों की मजबूती का पता लगाने के लिए DEXA स्कैन करवाना बहुत जरूरी है ताकि हड्डियों के टूटने का खतरा कम से कम किया जा सके.
सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट
सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए पैप स्मीयर और HPV टेस्ट बहुत जरूरी हैं. यह सलाह दी जाती है कि 30 से 65 साल की उम्र की महिलाएं हर पांच साल में को-टेस्टिंग (पैप स्मीयर के साथ HPV टेस्टिंग) करवाएं. यह टेस्ट कोशिकाओं में होने वाले बदलावों का पता तब लगा लेता है जब वे कैंसर का रूप नहीं लेते.
थायरॉइड चेक-अप
थायरॉइड से जुड़ी समस्याएं महिलाओं में काफी आम मानी जाती हैं. वजन बढ़ना, थकान, बालों का झड़ना और मूड में बदलाव ऐसी समस्याओं के आम लक्षण हो सकते हैं. हाइपोथायरॉइडिज़्म जैसी समस्याओं का पता लगाने के लिए थायरॉइड टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है. समय पर टेस्टिंग और दवाइयों की मदद से, इस समस्या को काफी हद तक असरदार तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है.
















