नई दिल्ली: रूस के साइबेरियाई इलाके इरकुत्स्क में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद दहशत का माहौल है। 28 साल की महिला वैज्ञानिक की मौत गंभीर निमोनिया से हुई है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि वह प्लेग जैसी खतरनाक बीमारी से संक्रमित थी। इस घटना के बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को निगरानी और क्वारंटीन में रखा गया है।
यह मामला इरकुत्स्क के पास शेलेखोव शहर का है। महिला यहां प्लेग-रोधी रिसर्च सेंटर में काम करती थी। बताया जा रहा है कि मरने से पहले महिला ने डॉक्टरों को बताया था कि लैब में काम के दौरान उसके हाथ से एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी, जिसमें जीवित जैविक सामग्री थी। इसके कुछ दिन बाद ही उसे तेज बुखार और निमोनिया जैसे लक्षण दिखने लगे। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन गुरुवार 1 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।
200 लोगों पर नजर, अस्पताल में सख्ती
महिला की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट पर है। उसके सीधे या परोक्ष संपर्क में आए 197 लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है। इनमें से 100 से ज्यादा लोगों को अस्पताल के वार्ड में निगरानी में रखा गया है। शेलेखोव जिला अस्पताल में क्वारंटीन नियम लागू कर दिए गए हैं। एहतियात के तौर पर पास के एक प्रसूति केंद्र को भी बंद किया गया है।
रूस की स्वास्थ्य एजेंसी रोस्पोत्रेबनादज़ोर ने कहा है कि अज्ञात कारण से निमोनिया का मामला सामने आने के बाद इमरजेंसी उपाय शुरू कर दिए गए हैं। फिलहाल इरकुत्स्क में हालात स्थिर हैं। संपर्क में आए लोगों में अभी कोई लक्षण नहीं मिले हैं और शुरुआती टेस्ट नेगेटिव आए हैं।
क्या है निमोनिया प्लेग?
इस केस ने इसलिए ज्यादा चिंता बढ़ा दी है क्योंकि महिला प्लेग लैब में काम करती थी। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वह येरसिनिया पेस्टिस बैक्टीरिया के संपर्क में आई थी, जो प्लेग फैलाता है। हालांकि रूस सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
निमोनिया प्लेग, ब्यूबोनिक प्लेग से ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह फेफड़ों पर हमला करता है और सांस के जरिए एक से दूसरे में फैल सकता है। इसके लक्षणों में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत और खूनी बलगम आना शामिल है। WHO के मुताबिक समय पर इलाज से इसका ठीक होना संभव है, लेकिन देरी होने पर यह जानलेवा हो सकता है। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबज़ेव ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है।











