नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने चार बड़े राज्यों में विधान परिषद यानी MLC की सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया है। बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में यह चुनाव कराए जाएंगे। आयोग की घोषणा के तुरंत बाद इन राज्यों की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है, क्योंकि विभिन्न दल अब अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी में जुट गए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार इन सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को संपन्न होगा। इसके चार दिन बाद, यानी 27 अक्टूबर को मतगणना कराई जाएगी और उसी दिन नतीजे सामने आ जाएंगे। इस दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में नामांकन, जांच और प्रचार जैसी सभी प्रक्रियाएं तय समय-सारणी के हिसाब से पूरी की जाएंगी।
आम चुनावों से कैसे अलग हैं ये सीटें
विधान परिषद का यह चुनाव सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनावों जैसा नहीं होता। यहां ग्रेजुएट और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के तहत मतदान होता है, जिसमें केवल उन्हीं मतदाताओं को वोट देने का अधिकार मिलता है जो इन श्रेणियों में पंजीकृत हैं। इस वजह से उम्मीदवारों को आम जनसभाओं के बजाय अपने-अपने क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं से सीधे संवाद पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है।
बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश चारों राज्यों में यह चुनाव विधान परिषद की बनावट के लिहाज से खासा अहम माना जा रहा है। कार्यक्रम घोषित होते ही राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है, और आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में प्रचार तेज होने की उम्मीद है।
राज्यसभा की 11 सीटों पर भी चुनाव
इसके अलावा चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1, कुल 11 राज्यसभा सीटों के लिए भी चुनाव कराने की घोषणा की है। साथ ही पश्चिम बंगाल की एक रिक्त सीट पर उपचुनाव होगा। इन सभी सीटों के लिए 16 अक्टूबर को ही मतदान और मतगणना, दोनों एक साथ कराई जाएंगी। राज्यसभा चुनाव में राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं, इसलिए यह प्रक्रिया MLC चुनावों से पूरी तरह अलग तरीके से संचालित होती है।












