‘आप सरकार लोगों की सरकार’, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा बोले- ‘3 करोड़ पंजाबियों की सुरक्षा से समझौता नहीं’

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Aman Arora
JBT

चंडीगढ़: पंजाब सरकार और राज्य के कर्मचारियों के बीच उपजे गतिरोध को दूर करने की दिशा में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने एक बड़ा और सकारात्मक पहलकदम किया है। चंडीगढ़ में जारी एक बयान में मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार अपने कर्मचारियों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और उनकी सभी वाजिब मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ पंजाबी एक ही कुनबे का हिस्सा हैं और सरकारी तंत्र में कार्यरत कर्मचारी इस परिवार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

बातचीत से निकलेगा हल, हड़ताल खत्म करने की अपील

कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही हड़ताल से आम जनता को हो रही दिक्कतों पर चिंता जताते हुए अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों से तुरंत काम पर लौटने का भावुक आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को उन मुद्दों की वजह से परेशानी नहीं झेलनी चाहिए जिन्हें शांतिपूर्ण ढंग से बैठकर सुलझाया जा सकता है। सरकार के दरवाजे संवाद के लिए हमेशा खुले हैं और प्रशासन हर जायज चिंता को एक सकारात्मक नजरिए से सुनने व समाधान निकालने के लिए तैयार है। कर्मचारी राज्य के विकास की रीढ़ हैं, इसलिए हड़ताल खत्म कर जनता की सेवा में जुटना ही राज्यहित में सबसे सही कदम होगा।

कर्मचारियों के हित में उठाए गए ठोस कदम

सरकार की नीयत और अब तक किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 17 जुलाई 2020 के बाद सेवा में आए लगभग 85,000 कर्मचारियों के लिए सरकार ने 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने का अहम फैसला लिया है। इस निर्णय से इन कर्मचारियों का डीए सीधे तौर पर केंद्र सरकार की दरों के बराबर पहुंच चुका है, जो सरकार की कर्मचारी-हितैषी सोच को दर्शाता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करेगी सरकार

महंगाई भत्ते और बकाए एरियर से जुड़े बाकी बड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि यह मामला वर्तमान में देश की सर्वोच्च अदालत के समक्ष विचाराधीन है। पंजाब सरकार न्यायपालिका की गरिमा का पूरा सम्मान करती है और सुप्रीम कोर्ट जो भी अंतिम फैसला सुनाएगा, उसे पूरी निष्ठा के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी समझदारी और साझा जिम्मेदारी के भाव से जल्द ही सभी बचे हुए मुद्दों का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाल लिया जाएगा, ताकि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था निर्बाध रूप से चलती रहे।

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