नई दिल्ली: रायपुर में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की एंटोंमोलॉजी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने घटना के सामने आने के करीब 36 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि प्रश्नपत्र की फोटो और वीडियो बनाकर उसे छात्रों को पैसे लेकर उपलब्ध कराया गया था.
मामला बीएससी कृषि के दूसरे वर्ष, दूसरे सेमेस्टर की एजीसीएच-221 (एंटोंमोलॉजी) परीक्षा से जुड़ा है. 20 अगस्त को परीक्षा से एक दिन पहले विश्वविद्यालय को प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी मिली. छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी व्हाट्सऐप के जरिए प्रश्नपत्र के कुछ सवाल साझा किए थे. इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई.
सोशल मीडिया की जांच से मिला सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की टीमों ने जांच शुरू की.100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को कार्रवाई में लगाया गया. साइबर टीम ने वायरल प्रश्नपत्र के फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट, पोस्ट और मैसेज की तकनीकी जांच की. इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस अकाउंट या नंबर से बाहर आया और किन-किन लोगों तक पहुंचा.
लगातार जांच के बाद पुलिस दुर्ग निवासी अनुज मिंज तक पहुंची. इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर समेत कई जगहों पर टीमों ने दबिश दी और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
प्रोफेसर ने ऐसे बनाया प्रश्नपत्र का वीडियो
पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया है, जो दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में 2019 से प्रोफेसर है. वह परीक्षा से जुड़े काम के सिलसिले में रायपुर स्थित कृषि महाविद्यालय आया था। 17 अगस्त को उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लिए थे. आरोप है कि एंटोंमोलॉजी का प्रश्नपत्र वह घर ले गया. वहां लिफाफे में बेहद छोटा छेद कर उसने मोबाइल कैमरे के जरिए प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग कर ली. इसके बाद उसने प्रश्नपत्र की सामग्री की कॉपी तैयार की और अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत अन्य छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दी.
दो आरोपी अभी भी फरार
पुलिस के अनुसार, इसके बाद प्रश्नपत्र कई अन्य छात्रों तक पहुंचा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मामले में छह मोबाइल फोन, 11 हजार रुपये, वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े उपकरण, केबल, कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत अन्य सामान जब्त किया गया है. पुलिस का कहना है कि दो आरोपी अभी फरार हैं. उनकी तलाश जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक की पूरी कड़ी का पता लगाया जा रहा है.












