दिवाली के बाद UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? 2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन को लेकर बड़ा अपडेट

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नई दिल्ली: नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है। NPCI ने मंगलवार को बताया कि चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR अब दिवाली के बाद लागू किया जाएगा। पहले इसे 15 अक्टूबर से लागू करने की योजना थी।

बता दें,13 अक्टूबर को जारी अपने बयान में NPCI ने कहा कि UPI और सेवा संचालन समिति ने फैसला लिया है कि चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर MDR दिवाली के तुरंत बाद से वसूला जाएगा। इसकी सटीक तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी। त्योहारी सीजन में व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी न हो, इसलिए यह स्थगन किया गया है।

क्यों टाला गया फैसला?

दरअसल, फिनटेक कंपनियों, व्यापारी संगठनों और पेमेंट कंपनियों ने NPCI से इस चार्ज को टालने की मांग की थी। उनका कहना था कि त्योहारी सीजन में शॉपिंग पीक पर होती है, ऐसे में नया चार्ज लागू करने से कन्फ्यूजन बढ़ सकता है। इससे पहले मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया था कि NPCI जनवरी 2027 तक इसके कार्यान्वयन को टालने पर विचार कर रहा है। उद्योग जगत में इस बात को लेकर भी भ्रम था कि MDR किन लेनदेन पर लगेगा और क्या अलग-अलग कैटेगरी के लिए अलग दरें होंगी।

क्या है प्रस्तावित MDR?

प्रस्ताव के मुताबिक, 2,000 रुपये से ज्यादा के चुनिंदा UPI P2M लेनदेन पर 0.4% MDR लग सकता है। यानी अगर कोई ग्राहक 10,000 रुपये का पेमेंट करता है तो दुकानदार को 40 रुपये शुल्क देना होगा। MDR वह फीस है जो व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के लिए देता है। अभी तक UPI पर यह चार्ज नहीं लगता था, लेकिन नए प्रस्ताव से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है।

त्योहारी सीजन खुदरा और ऑनलाइन कारोबार के लिए सबसे अहम होता है। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, यात्रा और अन्य सामानों की खरीद बढ़ जाती है, जिससे UPI लेनदेन की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। NPCI ने अभी यह साफ नहीं किया है कि नई दरें किस तारीख से लागू होंगी और किन-किन कैटेगरी के लेनदेन पर यह लागू होगी। दिवाली के बाद जारी होने वाले औपचारिक नोटिफिकेशन में ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी।

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