गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड! पटना में पारा 42 डिग्री पार, स्कूल बंद करने का बड़ा फैसला

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Patna School Closed
Patna School Closed

उत्तर और मध्य भारत में सूरज की तपिश और भीषण लू का सितम लगातार बढ़ता जा रहा है. बिहार की राजधानी पटना में पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाने के कारण आम जनजीवन बेहाल हो गया है. दोपहर के समय आसमान से बरसती आग और गर्म हवाओं के थपेड़ों ने बच्चों की सेहत के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है. बच्चों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए पटना जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को अगले 5 दिनों तक पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया है.

पटना में अब सीधा 27 मई को लगेंगी क्लासें

पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 5वीं तक के छात्रों के लिए शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह स्थगित रहेंगी. यह प्रतिबंध प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी समान रूप से लागू होगा. यह आदेश आज 22 मई से प्रभावी होकर आगामी 26 मई तक लागू रहेगा जिसके बाद अब सीधे 27 मई को क्लासें लगेंगी.

प्रशासन ने सीनियर छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी कक्षाओं के समय में भी बदलाव किया है. आदेश के अनुसार कक्षा 6 से 8वीं तक की कक्षाएं अब केवल सुबह 10:30 बजे तक ही संचालित की जा सकेंगी. गौरतलब है कि बिहार के स्कूलों में आधिकारिक रूप से गर्मी की छुट्टियां 1 जून से 20 जून तक निर्धारित हैं.

हरियाणा में समय से पहले घोषित हुआ समर वेकेशन

भीषण गर्मी का असर सिर्फ बिहार और यूपी तक ही सीमित नहीं है. हरियाणा में भी पारा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है. हीटवेव के खतरनाक स्तर को देखते हुए हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में समय से पहले ही गर्मी की छुट्टियों की घोषणा कर दी है. सरकारी आदेश के मुताबिक राज्य के सभी स्कूल 25 मई, 2026 सोमवार से पूरी तरह बंद हो जाएंगे. यह छुट्टियां 30 जून, 2026 तक चलेंगी जिसके बाद 1 जुलाई, 2026 से सभी स्कूल नियमित रूप से दोबारा खुलेंगे.

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में गर्मी और लू के थपेड़े और तेज होने की चेतावनी जारी की है. ऐसे में विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभागों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अभिभावकों और शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचाएं और उन्हें लगातार हाइड्रेटेड रखें.

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