नई दिल्ली: आने वाले सालों में दिल्ली को पहचानना मुश्किल हो जाएगा। केंद्र सरकार ने गुरुवार को 535 पेज का दिल्ली मास्टर प्लान 2047 जारी किया है, जिसमें राजधानी की पूरी तस्वीर बदलने का खाका खींचा गया है। 100 मंजिल से ऊंची इमारतें, 40 लाख नए घर और 695 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क, यह सब इस प्लान का हिस्सा है।
दिल्ली की स्काईलाइन बदलेगी, बनेंगी 100 मंजिला लैंडमार्क इमारतें
मास्टर प्लान के मुताबिक अब अच्छी सुविधाओं वाले इलाकों में ऊंची बिल्डिंग्स को बढ़ावा दिया जाएगा, खासकर मेट्रो कॉरिडोर और बड़े कमर्शियल सेंटर के पास। प्लान में साफ लिखा है कि 100 से ज्यादा मंजिलों वाली इमारतें दिल्ली की नई पहचान बनेंगी। ये लैंडमार्क बिल्डिंग्स शहर के बेतरतीब फैलाव को रोकेंगी और जमीन का सही इस्तेमाल होगा।
सरकार का कहना है कि इन ऊंची इमारतों में ग्राउंड फ्लोर पर ज्यादा से ज्यादा खुली जगह छोड़ी जाएगी ताकि पब्लिक प्लाजा, ग्रीन एरिया और पैदल चलने वालों के लिए रास्ते बन सकें। हालांकि दिल्ली की ऐतिहासिक जगहों, हेरिटेज जोन और व्यू कॉरिडोर का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
40 लाख नए घर और 695 KM का मेट्रो नेटवर्क
आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगले दो दशकों में दिल्ली में 40 लाख हाउसिंग यूनिट्स बनाई जाएंगी। बढ़ती आबादी को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा।
इसके अलावा आनंद विहार, सराय काले खां और कश्मीरी गेट पर मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब बनेंगे। शहर के लिए यूनिफाइड पार्किंग सिस्टम लाया जाएगा और अलग-अलग कैटेगरी में फ्लोर एरिया रेश्यो में छूट दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि यह रोडमैप ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के हिसाब से बनाया गया है।
एयर टैक्सी से लेकर यमुना में वॉटरवे तक का प्लान
इस प्लान में फ्यूचर ट्रांसपोर्ट का भी जिक्र है। पर्यावरण के अनुकूल सफर के लिए एयर टैक्सी और एयर पॉड का प्रस्ताव है। साथ ही यमुना, साहिबी नदी और दूसरी नहरों में इनलैंड वॉटरवे बनाने की बात कही गई है।
रेलवे स्टेशनों, ISBT, बस टर्मिनल, मेट्रो और RRTS स्टेशनों को आपस में जोड़ने के लिए मेन रेलवे स्टेशनों का रीडेवलपमेंट होगा और ट्रैफिक संभालने के लिए नए रेलवे स्टेशन भी बनेंगे।
ऊंचाई पर लगी पाबंदी हटी, लेकिन इन इलाकों में नहीं बनेंगी ऊंची इमारतें
मंत्री खट्टर ने बताया कि शहर के ज्यादातर इलाकों में बिल्डिंग की हाइट पर लगी पाबंदी हटा दी गई है। लेकिन कुछ खास जोन में यह नियम लागू रहेगा। इनमें लुटियंस बंगला जोन, सिविल लाइंस बंगला एरिया, कनॉट प्लेस, यमुना का बाढ़ वाला इलाका, रिज और ASI के तहत आने वाले इलाके शामिल हैं।
इन खास जोन के बाहर रिहायशी घरों के लिए स्टिल्ट पार्किंग के बिना 15 मीटर और स्टिल्ट के साथ 17.5 मीटर की हाइट तय की गई है। 30 मीटर चौड़ी सड़कों पर बने घरों के ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल एक्टिविटी की भी इजाजत होगी।












