ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें क्या होगा

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Traffic Rules India
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नई दिल्ली: भारत में ट्रैफिक चालान कटने के बाद कई लोग सोचते हैं कि इसे बाद में भर देंगे. लेकिन कई बार यह देरी हफ्तों और महीनों तक हो जाती है. लोगों को लगता है कि कुछ समय बाद चालान अपने आप खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है. चालान को नजरअंदाज करने पर मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है और वाहन से जुड़े कई कामों में परेशानी आ सकती है.

चालान रिकॉर्ड में बना रहता है

ई-चालान कटने के बाद वह आपके वाहन के रिकॉर्ड में दर्ज रहता है. यह चालान आपके वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा होता है. आमतौर पर सिर्फ समय बीतने से चालान खत्म नहीं होता. कुछ राज्यों और कुछ तरह के ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में देर से चालान भरने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लग सकता है. इसके अलावा जब वाहन से जुड़ी जानकारी चेक की जाती है, तो पेंडिंग चालान भी सामने आ सकता है.

मामला कोर्ट तक पहुंच सकता है

हर ट्रैफिक चालान सिर्फ ऑनलाइन भुगतान तक सीमित नहीं रहता. अगर तय समय के अंदर चालान नहीं भरा जाता है, तो ट्रैफिक अथॉरिटी मामले को ट्रैफिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में भेज सकती है. इसके बाद वाहन मालिक को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस मिल सकता है. यह नोटिस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी भेजा जा सकता है. अगर आपका मोबाइल नंबर पुराना है या आपने नोटिस नहीं देखा, तो आपको कोर्ट की तारीख की जानकारी समय पर नहीं मिल पाएगी.

कोर्ट में नहीं पहुंचे तो क्या होगा?

अगर वाहन मालिक कोर्ट की तय तारीख पर मौजूद नहीं होता और तारीख आगे बढ़ाने के लिए आवेदन भी नहीं करता, तो कुछ मामलों में कोर्ट उसकी गैर-मौजूदगी में फैसला सुना सकती है. इसे Ex-parte कार्रवाई कहा जाता है. इसके बाद कोर्ट की ओर से समन जारी किया जा सकता है। यानी मामला अब सिर्फ मोबाइल पर आए एक ट्रैफिक चालान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन जाता है.

लाइसेंस और RC पर भी पड़ सकता है असर

अगर चालान का मामला लंबे समय तक लंबित रहता है, तो वाहन को सरकारी रिकॉर्ड सिस्टम में फ्लैग किया जा सकता है. इससे भविष्य में RC से जुड़े काम या उसके रिन्यूअल के दौरान परेशानी हो सकती है. वहीं, खतरनाक ड्राइविंग, तेज रफ्तार या नशे में गाड़ी चलाने जैसे गंभीर मामलों में कोर्ट लाइसेंस को सस्पेंड या रद्द करने की कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकती है.

कार बेचते समय भी आ सकती है परेशानी

पेंडिंग चालान का असर कार बेचने के दौरान भी देखने को मिल सकता है. खरीदार या कार खरीदने वाला प्लेटफॉर्म वाहन का रिकॉर्ड चेक कर सकता है. अगर कई चालान बाकी हैं, तो खरीदार कीमत कम करने की कोशिश कर सकता है या डील करने से मना भी कर सकता है. इसके अलावा, कुछ मामलों में इंश्योरेंस के दौरान भी वाहन का रिकॉर्ड चेक किया जा सकता है. हालांकि, इसका असर पॉलिसी और संबंधित इंश्योरेंस कंपनी के नियमों पर निर्भर करता है.

चालान पेंडिंग है तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आपके वाहन पर कोई पुराना चालान बाकी है, तो सबसे पहले उसका स्टेटस चेक करें. अगर चालान ऑनलाइन है, तो उसका भुगतान आसानी से किया जा सकता है. वहीं, अगर चालान कोर्ट भेजा जा चुका है, तो उसके लिए अलग प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है. कई मामलों में Virtual Court की सुविधा भी उपलब्ध होती है. अगर आपका मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है, तो आपको संबंधित कोर्ट के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी.

चालान को नजरअंदाज न करें

सीधी बात यह है कि चालान को नजरअंदाज करने से समस्या खत्म नहीं होती. समय बीतने के साथ मामला और जटिल हो सकता है. इसलिए अगर आपके वाहन पर कोई चालान पेंडिंग है, तो उसे जल्द से जल्द चेक करके निपटा देना बेहतर है.

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