छह बार ठुकराए जाने के बाद बना ‘जुड़ी जोड़ी’, राम-सिया के विवाह गीत की पर्दे के पीछे की कहानी

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फिल्मों में कोई गीत जब दर्शकों की जुबान पर चढ़ जाता है, तो उसके पीछे की मेहनत अक्सर चर्चा में नहीं आ पाती। ‘रामायण’ के गीत ‘जुड़ी जोड़ी’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। भगवान राम और माता सीता के विवाह प्रसंग को समर्पित इस रचना को तैयार करने में गीतकार कुमार विश्वास को कई दौर से गुजरना पड़ा। शुरुआत में निर्माता नमित मल्होत्रा को उनके लिखे शब्द उस भावनात्मक स्तर तक पहुंचते हुए महसूस नहीं हुए, जिसकी तलाश फिल्म की टीम कर रही थी।

इसके बाद गीत में बार-बार बदलाव हुए और नए मुखड़े सुनाए गए। छह प्रयासों के बाद भी बात नहीं बनी, लेकिन सातवीं प्रस्तुति में कुमार विश्वास के लिखे शब्दों ने निर्माता को तुरंत प्रभावित कर दिया। जिस पंक्ति की तलाश लंबे समय से की जा रही थी, वह सामने आते ही गीत को मंजूरी मिल गई। आज यही रचना फिल्म के चर्चित संगीत का हिस्सा है और इसके पीछे की कहानी ने प्रशंसकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।

सातवें प्रयास में मिली गीत को मंजूरी

कुमार विश्वास ने राम और सीता के विवाह समारोह को ध्यान में रखकर यह गीत लिखा था। मगर निर्माता नमित मल्होत्रा को शुरुआती प्रस्तुतियों में वह खास प्रभाव महसूस नहीं हुआ। गीतकार ने फिल्म के प्रिव्यू कार्यक्रम के दौरान इस अनुभव का जिक्र किया। उनके मुताबिक, निर्माता को भरोसा था कि उनके पास ऐसे शब्द मौजूद हैं जो इस प्रसंग की भावना को सही तरीके से सामने ला सकते हैं, लेकिन वे अभी तक उस खास पंक्ति तक नहीं पहुंचे थे। कई बार रचना सुनने और विचार-विमर्श करने के बाद आखिरकार वह मुखड़ा सामने आया, जिसने पूरी टीम की तलाश समाप्त कर दी। कुमार विश्वास ने बताया कि जैसे ही उन्होंने ‘जुड़ी जोड़ी जनम जनमों की जनक घर गूंजे है सिया सिया राम’ वाली पंक्ति सुनाई, नमित मल्होत्रा ने तुरंत इसे स्वीकार कर लिया। निर्माता ने साफ कर दिया कि उन्हें इसी भाव और शब्दों की जरूरत थी।

निर्माता और निर्देशक की भूमिका पर क्या बोले कुमार विश्वास

गीतकार ने इस अनुभव के जरिए फिल्म निर्माण में रचनात्मक संवाद की अहमियत भी बताई। उनके अनुसार, किसी गीत को बेहतर बनाने के लिए निर्माता और निर्देशक का लगातार सुझाव देना जरूरी होता है। केवल पहली प्रस्तुति पर सहमति मिल जाना ही कामयाबी नहीं है, बल्कि सही परिणाम तक पहुंचने के लिए कलाकारों को कई बार अपनी सोच में बदलाव करना पड़ता है। इस गीत के मामले में भी लगातार चर्चा और नए विकल्पों ने अंतिम रचना को आकार दिया। कुमार विश्वास ने यह भी संकेत दिया कि निर्माता की अपेक्षा और गीतकार की कल्पना के बीच तालमेल बैठने पर ही वह खास पंक्ति सामने आ सकी, जिसने गीत को अलग पहचान दी।

श्रेया घोषाल की आवाज ने बढ़ाया गीत का आकर्षण

‘जुड़ी जोड़ी’ को अपनी आवाज मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने दी है। गीत के बोल कुमार विश्वास ने लिखे हैं, जबकि फिल्म का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है। इन तीनों की रचनात्मक साझेदारी ने राम और सीता के विवाह प्रसंग को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया है।

सोशल मीडिया पर भी मिली बड़ी प्रतिक्रिया

गीत रिलीज होने के बाद डिजिटल मंचों पर इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, YouTube पर इसके दर्शनों की संख्या एक करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है। कुमार विश्वास ने उम्मीद जताई कि यह रचना आने वाले समय में विवाह समारोहों में भी खूब सुनाई देगी। फिल्म में अब तक चार गीत जारी किए जा चुके हैं और संगीत को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है। ‘जुड़ी जोड़ी’ की कहानी बताती है कि कभी-कभी किसी यादगार गीत तक पहुंचने के लिए रचनाकार को कई असफल कोशिशों से गुजरना पड़ता है।

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