नई दिल्ली: त्योहारों के मौसम में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच दिल्ली सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ दी है। राजधानी में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चौबीसों घंटे जांच और छापेमारी अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने साफ कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो महीनों में 429 नमूने एकत्र, 4500 किलो से अधिक सामग्री नष्ट
बैठक में सामने आया कि पिछले दो महीनों के दौरान विभाग ने कुल 429 खाद्य नमूने एकत्र किए। इनमें 307 प्रवर्तन नमूने और 122 निगरानी नमूने शामिल हैं। इस दौरान 32 दिनों तक विशेष निरीक्षण और कार्रवाई की गई। विभाग ने 4,500 किलोग्राम से अधिक असुरक्षित और अनुपयुक्त खाद्य सामग्री नष्ट कराई। इसमें लगभग 3,440 किलो खोया, ढाप और मक्खन, 658 किलो पनीर तथा 139 किलो समाप्त अवधि वाले खाद्य उत्पाद शामिल हैं। घी में मिलावट के खिलाफ तीन विशेष छापेमारी अभियानों में 65 नमूने लिए गए, जिनमें 19 असुरक्षित पाए गए। वहीं मिठाई निर्माताओं, डेयरी प्रतिष्ठानों, व्रत सामग्री बनाने वाली इकाइयों और अन्य स्थानों पर छह विशेष अभियान चलाकर 148 नमूने एकत्र किए गए।
मोरी गेट खोया मंडी में 6700 किलो असुरक्षित सामग्री नष्ट
मोरी गेट स्थित खोया मंडी में मंगलवार को हुई ताजा कार्रवाई में 6,700 किलो बदबूदार और अस्वच्छ खोया व ढाप नष्ट कराया गया। मौके पर चलती खाद्य जांच प्रयोगशाला से 44 नमूनों की जांच हुई, जिनमें 35 मानकों पर खरे नहीं उतरे। स्वास्थ्य मंत्री ने खोया, पनीर, छेना, मिठाई, नमकीन, घी, खाद्य तेल और सूखे मेवों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल जारी रहेगा। मिलावट करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
Reported By: Pankaj Rai












