ग्रेटर नोएडा: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रहे कालोनाइजरों के मंसूबों पर सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाकर पानी फेर दिया। सुथ्याना में प्राधिकरण की टीम ने बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाते हुए करीब 9500 वर्ग मीटर अधिग्रहित जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया। मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 19 करोड़ रुपये बताई गई है।
अवैध कॉलोनाइजरों में मचा हड़कंप
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के सख्त निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि कालोनाइजर प्राधिकरण की अधिग्रहित और कब्जा प्राप्त जमीन पर अवैध निर्माण कर उस पर कब्जा जमाने की फिराक में थे। उनका मकसद यहां मकान बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित करना था लेकिन प्राधिकरण की कार्रवाई ने उनके मंसूबों को ध्वस्त कर दिया।
9500 वर्ग मीटर जमीन कब्जामुक्त
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह के मुताबिक, सुथ्याना गांव के खसरा संख्या 798, 810, 815, 816 और 817 की लगभग 9500 वर्ग मीटर अधिग्रहित जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। सूचना मिलने पर परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश निम के नेतृत्व में प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा और वर्क सर्किल चार की पूरी टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त करा लिया।
अवैध कॉलोनी में न फंसाएं मेहनत की कमाई
प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमित यादव ने साफ कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध निर्माण और कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से उसकी वैधता की जानकारी अवश्य लें और अवैध कॉलोनियों में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी न फंसाएं। सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
Reported By: Pankaj Rai












