बैंक घोटाले की पटकथा पर सीबीआई का शिकंजा, 212.34 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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नई दिल्ली: बैंकिंग व्यवस्था को कथित तौर पर करोड़ों रुपये की चपत लगाने के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ा कदम उठाया है। केनरा बैंक की शिकायत पर मुंबई स्थित आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और उसके तत्कालीन प्रबंध निदेशकों एवं निदेशकों के खिलाफ 212.34 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। मामले में अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

सीबीआई के अनुसार आरोपियों में सुनील वाधवा अनूप सेठ, हरि शंकरन, रमेश चंद्र बावा और अरुण कुमार साहा के नाम शामिल हैं। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के आरोप लगाए गए हैं।

100 करोड़ का कर्ज और 50 मिलियन डॉलर का विदेशी ऋण

शिकायत के मुताबिक कंपनी ने तत्कालीन सिंडिकेट बैंक जो अब केनरा बैंक है की मुंबई स्थित एलसीबी शाखा से 100 करोड़ रुपये का सावधि ऋण और लंदन शाखा से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्राप्त किया था। आरोप है कि ऋण की राशि निर्धारित उद्देश्यों पर खर्च करने के बजाय सहयोगी कंपनियों के माध्यम से दूसरी जगह स्थानांतरित की गई, जिससे बैंक को कथित आर्थिक नुकसान हुआ।

मुंबई से नोएडा तक जांच का जाल

सीबीआई ने 21 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज करने के बाद मुंबई दिल्ली और नोएडा सहित कई स्थानों पर आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान बैंक दस्तावेज, जमा पर्चियां, म्यूचुअल फंड निवेश संबंधी कागजात, बैंक खातों एवं संपत्तियों का विवरण और कंपनी के लेखा-बही दस्तावेज बरामद कर जब्त किए गए।

अब पैसों के अंतिम इस्तेमाल की पड़ताल

जांच एजेंसी अब कथित साजिश की पूरी कड़ी जोड़ने, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने और ऋण की रकम के वास्तविक इस्तेमाल का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है।

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