नई दिल्ली: राजधानी में अपराधियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच की एनआर-द्वितीय शाखा ने हथियार के बल पर आभूषण कारोबारी से सात लाख रुपये लूटने के मामले में करीब दो वर्षों से फरार चल रहे घोषित भगोड़े अपराधी योगेश मेहता (31) को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था लेकिन पुलिस की खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के सामने उसकी चालाकी आखिरकार नाकाम हो गई।
बंदूक की नोक पर सात लाख की लूट
क्राइम ब्रांच डीसीपी चंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर तिलक नगर थाना क्षेत्र में एक आभूषण कारोबारी को कथित तौर पर बंदूक की नोक पर लेकर सात लाख रुपये लूट लिए थे। इस मामले में मुकदमा संख्या 134/2024 दर्ज किया गया था। आरोपी के साथी हर्ष कुमार, राजन उर्फ भोला और आदित्य उर्फ जैकी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे जबकि योगेश फरार था। अदालत द्वारा उसे घोषित अपराधी करार दिया गया था।
खुफिया सूचना से बिछाया गिरफ्तारी का जाल
क्राइम ब्रांच की एनआर-द्वितीय टीम को फरार आरोपियों की तलाश की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हेड कांस्टेबल अजय सहरावत को योगेश की गतिविधियों के संबंध में अहम सूचना मिली। इसके बाद तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से टीम ने आरोपी का पता लगाकर उसे दबोच लिया। पुलिस ने उसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 41.1(बी)(ए) के तहत गिरफ्तार किया।
निरीक्षक संदीप स्वामी के नेतृत्व में कार्रवाई
यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त अशोक शर्मा की निगरानी और निरीक्षक संदीप स्वामी के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक सुखविंदर सिंह,उपनिरीक्षक प्रदीप ढुल, सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, नितिन नैन, राज आर्यन, नवल यादव, अजय सहरावत, हरेंद्र कुमार और कांस्टेबल योगेंद्र शामिल रहे। पुलिस के अनुसार आरोपी बारहवीं तक पढ़ा है। उसके खिलाफ रोहिणी साउथ थाने में वर्ष 2022 का एक अन्य आपराधिक मामला भी दर्ज है।












