नई दिल्ली: दिल्ली की कृषि मंडियों में विकास की नई पटकथा लिखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आजादपुर स्थित कृषि उत्पाद विपणन समिति कार्यालय से चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। केशोपुर नरेला और आजादपुर मंडी में शुरू होने वाले इन कार्यों से किसानों व्यापारियों और श्रमिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुरानी व्यवस्थाओं की मरम्मत करना नहीं बल्कि ऐसा मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना है जो अगले 100 वर्षों की जरूरतों को पूरा कर सके।
केशोपुर, नरेला और आजादपुर मंडी की विकास परियोजनाएं
केशोपुर फल-सब्जी मंडी में 9.48 करोड़ रुपये की लागत से पुरानी आंतरिक सड़कों का निर्माण होगा। नरेला की नई अनाज मंडी में दो अस्थायी शेड बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को अनाज सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। आजादपुर मंडी के बी और सी खंड में पुरानी सीवर एवं जल निकासी व्यवस्था सुधारी जाएगी।आजादपुर मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर आधुनिक धीमी गति भारमापन प्रणाली लगाई जाएगी। इससे व्यावसायिक वाहनों को रोके बिना वजन दर्ज करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अन्य सुविधाओं पर जोर और विकास मंत्री के बयान
मुख्यमंत्री ने सीसीटीवी कैमरों, नियंत्रण केंद्र, प्रकाश व्यवस्था, कचरा निस्तारण, स्वास्थ्य सुविधाओं और श्रमिकों के लिए बेहतर व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया। टिकरी खामपुर मंडी के विकास की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मंडियों में तीन दशक से अटके विकास कार्यों को गति मिल रही है। नरेला मंडी के विस्तार और नई फूल मंडी की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
Reported By: Pankaj Rai











