बेड के भीतर छिपा था गांजे का गोदाम, द्वारका पुलिस ने खोला नशे के कारोबार का राज!

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नई दिल्ली: राजधानी में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ द्वारका जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा आपूर्ति के एक कथित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एएटीएस द्वारका की टीम ने तीन चरणों में कार्रवाई करते हुए कुल 54 किलो 375 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गांजे की बरामदगी से जुड़ी एक लावारिस स्कूटी को भी जब्त किया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब एक मकान में बेड के भीतर बने भंडारण खांचे से गांजे के 49 पैकेट बरामद हुए।

स्कूटी की तलाशी से खुली नशे के नेटवर्क की परतें

द्वारका पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि 7 अक्टूबर को एएटीएस द्वारका की टीम तिरंगा चौक अग्रवाल कॉलोनी नजफगढ़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति टीवीएस जुपिटर स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्कूटी की तलाशी लेने पर उसकी डिक्की से 1 किलो 855 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इस संबंध में बाबा हरिदास नगर थाने में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी संख्या 353/2026 दर्ज की गई।

जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने 10 अक्टूबर को बलबीर (45), निवासी इंद्रा मार्केट कॉलोनी, नजफगढ़ को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 200 ग्राम गांजा भी बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर मोहान गार्डन के सिद्धार्थ एन्क्लेव स्थित एक मकान में गांजे का बड़ा भंडार छिपाए जाने का पता चला।

बेड के भीतर 49 पैकेट, 52.32 किलो गांजा बरामद

पुलिस टीम ने बताए गए मकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान बेड के भीतर बने भंडारण खांचे से 49 पैकेटों में रखा 52 किलो 320 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इस मामले में रंजू (35), पत्नी राजेश निवासी सिद्धार्थ एन्क्लेव, मोहान गार्डन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की कुल मात्रा 54 किलो 375 ग्राम है। मामले में मादक पदार्थ के स्रोत उसकी आपूर्ति के रास्तों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

डीसीपी के निर्देश पर गठित हुई थी विशेष टीम

डीसीपी द्वारका जिला कुशल पाल सिंह के निर्देश पर ‘नशामुक्त द्वारका’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अभियान की जिम्मेदारी एएटीएस द्वारका की विशेष टीम को सौंपी गई थी। टीम का नेतृत्व निरीक्षक मनीष कुमार ने किया। इसमें उपनिरीक्षक धनंजय कुमार, प्रधान सिपाही मनोज कुमार, राकेश, सोमदेव और राजबीर, महिला प्रधान सिपाही ममता, सिपाही अरविंद, महिला सिपाही पूजा तथा चालक सहायक उपनिरीक्षक हेमचंद शामिल रहे। पूरी कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त ऑपरेशंस द्वारका सुभाष मलिक की निगरानी में की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी बलबीर के पूर्व के दो मामलों में संलिप्त होने की जानकारी भी सामने आई है। जिनमें मादक पदार्थों से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब कथित आपूर्ति श्रृंखला की अन्य कड़ियों को जोड़ने और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

Reported By: Pankaj Rai

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