नई दिल्ली: देश में NEET पेपर लीक को लेकर हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों युवाओं ने प्रदर्शन किया था। अब ऐसा ही आक्रोश फ्रांस में भी देखने को मिल रहा है, लेकिन वहां छात्रों का आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। फ्रांस में स्कूली छात्र शिक्षा व्यवस्था में खामियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं और कई शहरों में यह प्रदर्शन दंगे में बदल गया है। पुलिस के साथ झड़प में करीब 1000 लोगों के घायल होने की खबर है।
छात्रों का आरोप है कि स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी है। इसके साथ ही स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी है।
धमाके में छात्र का उड़ा हाथ, 5 हजार हिरासत में
रिपोर्ट्स के मुताबिक लेंस शहर में प्रदर्शन के दौरान एक जोरदार धमाका हुआ, जिसमें 15 साल के एक छात्र का हाथ उड़ गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी जबड़े की सर्जरी भी करनी पड़ी है। पुलिस ने अब तक 5 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 90 फीसदी नाबालिग छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं और मंगलवार को देशभर में समर्थन रैलियां निकाले जाने की उम्मीद है।
France, day three of the school protests. Or is it civil war? In Lyon, masked rioters broke off from a march of 20,000, threw objects at riot police near a police station and set a fire in the road. Police say 8 were arrested. Earlier, a group tried to smash up a McDonald’s. Stewards and locals had to stop them. The government says there have been 6,059 arrests since 28 Sept, 87% of those detained were minors, and 715 police and gendarmes have been hurt. 891 schools were disrupted today. Paris marches this afternoon.
— WasAcop (@WasAcop) October 6, 2026
बढ़ते बवाल के बीच फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने छात्रों की शिकायतों को जायज बताया है। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने मंत्रियों को छात्रों की पांच मुख्य मांगों पर अक्टूबर अंत तक प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है।
400 से ज्यादा स्कूल बंद, 24 स्कूलों में तोड़फोड़
फ्रांस के शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 400 से 500 हाईस्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह या आंशिक रूप से रोक दी गई है। आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक 24 स्कूलों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई है। इस हिंसा में शिक्षा विभाग के 85 कर्मचारी भी घायल हुए हैं, जिसे मंत्री ने अभूतपूर्व स्थिति बताया।
पेरिस के बाद अन्य बड़े शहरों में पहुंचा आदोलन
बीबीसी के अनुसार पेरिस से शुरू हुआ यह आंदोलन अब मोंटपेलियर, नांत और मार्सिले जैसे बड़े शहरों तक फैल गया है। न्याय मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने बताया कि देश के कुल 3,700 स्कूलों में से करीब 735 इस आंदोलन से प्रभावित हुए हैं। प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने कहा है कि सरकार कक्षाओं के संचालन, सुविधाओं में सुधार और यूनिवर्सिटी एडमिशन में पारदर्शिता के लिए तेजी से कदम उठा रही है। साथ ही स्कूलों में तोड़फोड़ करने वालों से ही नुकसान की भरपाई वसूलने वाले बिल को भी जल्द लाया जाएगा।












