नई दिल्ली: आतंकी साजिश के खिलाफ जांच एजेंसी एनआईए की कार्रवाई को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू जिला अदालत परिसर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े ‘वॉयस ऑफ हिंद’ आतंकी साजिश मामले में चार दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट को छह-छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं अफशां परवेज जराबी को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली। चारों पर क्रमशः 36 हजार, 31 हजार, 23 हजार और 9 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का निर्देश दिया है।
आईएसआईएस विचारधारा प्रचार के आरोप साबित
एनआईए के मुताबिक आरोपियों पर आईएसआईएस की विचारधारा के प्रचार-प्रसार युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और संगठन से जोड़ने के प्रयासों में शामिल होने के आरोप साबित हुए। जांच में सामने आया कि ‘सॉत-अल-हिंद’ यानी ‘वॉयस ऑफ हिंद’ नामक भारत-केंद्रित ऑनलाइन पत्रिका के जरिए आतंकी विचारधारा फैलाने का नेटवर्क सक्रिय था।
बड़ी मात्रा में डिजिटल सामग्री बरामद
जांच एजेंसी ने मामले में बड़ी मात्रा में डिजिटल और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की, जिसमें आतंकी प्रचार सामग्री, पोस्टर, साहित्य, ऑनलाइन लिंक, चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग, झंडे और अन्य डिजिटल दस्तावेज शामिल थे।
आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र, सुनवाई जारी
एनआईए ने कुल आठ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र और चार पूरक आरोपपत्र दाखिल किए हैं। चार दोषियों को सजा मिल चुकी है जबकि शेष आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जारी है।












