नई दिल्ली: उत्तर रेलवे में राजभाषा हिंदी के प्रभावी और व्यापक इस्तेमाल को लेकर सोमवार को बड़ौदा हाउस स्थित सम्मेलन कक्ष में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में रेलवे के प्रमुख विभागों के मुख्य विभागाध्यक्षों, विभिन्न मंडलों के अपर मंडल रेल प्रबंधकों तथा कारखानों के मुख्य कारखाना प्रबंधकों ने भाग लिया।
महाप्रबंधक ने हिंदी प्रयोग पर जोर दिया
बैठक में महाप्रबंधक ने हिंदी के सरकारी कामकाज में अधिकतम और प्रभावी प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि हिंदी में प्रवीणता प्राप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष व्यक्तिगत रूप से आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने राजभाषा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्यालयों को अधिसूचित कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
जांच बिंदुओं को मजबूत बनाने के निर्देश
महाप्रबंधक ने राजभाषा नियमों के अनुपालन की नियमित निगरानी के लिए जांच बिंदुओं को मजबूत और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजभाषा कार्यान्वयन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि इसकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।
‘सरस्वती संगम’ का ऑनलाइन विमोचन
बैठक के दौरान महाप्रबंधक के कर-कमलों द्वारा उत्तर रेलवे की राजभाषा ई-पत्रिका ‘सरस्वती संगम’ वर्ष 2026 के द्वितीय अंक—पर्यटन विशेषांक का ऑनलाइन विमोचन किया गया। इसके बाद परिचालन विभाग की ओर से प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी गई।
मुख्य राजभाषा अधिकारी ने अनुपालन पर बल दिया
मुख्य राजभाषा अधिकारी डॉ. शिल्पी अग्रवाल ने राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के शत-प्रतिशत अनुपालन, अंग्रेजी में प्राप्त पत्रों के उत्तर हिंदी में देने तथा मूल पत्राचार हिंदी में करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने व्यक्तिगत आदेश जारी करने, जांच बिंदु स्थापित करने और राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकों का नियमित आयोजन सुनिश्चित करने की बात कही। बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक/राजभाषा डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया।












