नशे के खिलाफ निर्णायक जंग: एम्स संभालेगा देशभर में उपचार की कमान

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नई दिल्ली: नशे के खिलाफ जंग को नई ताकत देने और देशभर में नशा मुक्ति उपचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए राष्ट्रव्यापी क्षमता निर्माण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित बेहतर उपचार उपलब्ध कराना और देशभर में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाना है।

इस राष्ट्रीय अभियान की समन्वयकारी जिम्मेदारी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली के राष्ट्रीय औषधि निर्भरता उपचार केंद्र (एनडीडीटीसी) को सौंपी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के औषधि व्यसन मुक्ति कार्यक्रम के तहत छह प्रमुख केंद्रीय सरकारी संस्थान मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाएंगे।

मार्च 2029 तक 10 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण

सरकार के ‘स्वापक नियंत्रण दृष्टि दस्तावेज 2026-2029’ के तहत मार्च 2029 तक 10 हजार चिकित्सकों और संबद्ध स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस प्रशिक्षण में चिकित्सकों चिकित्सा अधिकारियों, नर्सों, परामर्शदाताओं, मनोवैज्ञानिकों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को शामिल किया जाएगा, ताकि विशेष नशा मुक्ति केंद्रों के साथ सामान्य अस्पतालों में भी मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।

डिजिटल शिक्षा से लेकर प्रत्यक्ष प्रशिक्षण तक

एनडीडीटीसी एम्स की प्रमुख प्रोफेसर अंजू धवन ने कार्यक्रम की कार्ययोजना प्रस्तुत की। प्रशिक्षण के लिए सीधे ऑनलाइन कक्षाओं अपनी सुविधानुसार पूरी की जा सकने वाली डिजिटल शिक्षण सामग्री और आमने-सामने प्रशिक्षण का सहारा लिया जाएगा। एम्स द्वारा पहले से विकसित ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का भी उपयोग किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को नशे से संबंधित विकारों की पहचान, प्रबंधन और उपचार के आधुनिक तरीकों से परिचित कराना है।

चिकित्सकों के लिए जारी हुई नई मार्गदर्शिका

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘मादक पदार्थों के सेवन से संबंधित विकार चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शिका (व्यसन संबंधी विकारों का प्रबंधन)’ के दूसरे संस्करण का विमोचन रहा। एनडीडीटीसी एम्स द्वारा तैयार यह मार्गदर्शिका विशेष नशा मुक्ति केंद्रों और सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत चिकित्सकों के लिए व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराएगी।

इस पहल से देश में नशा मुक्ति सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने उपचार की पहुंच बढ़ाने और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों का मजबूत तंत्र तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है- नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को समय पर उपचार, बेहतर देखभाल और स्वस्थ जीवन की नई राह उपलब्ध कराना।

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