नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में रविवार शाम एक पुराने भवन का हिस्सा अचानक भरभराकर गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। मिलन गार्डन स्थित इस भवन के भूतल और उसके ऊपर बनी पहली मंजिल का ढांचा ढह गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए दमकल विभाग, पुलिस, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया। इस दौरान मलबे से दो लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शाम को मिली सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार 25 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर हर्ष विहार थाना पुलिस को ए-4, मिलन गार्डन, सेवा धाम रोड पर भवन का ढांचा गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पुराना भवन भूतल पर बना हुआ था और उसके ऊपर पहली मंजिल का निर्माण भी किया गया था। भवन के भूतल पर कथित तौर पर गोदाम संचालित था। बताया गया है कि संपत्ति मनोज कुमार, पुत्र भोपाल सिंह की है। भवन का ढांचा किन परिस्थितियों में गिरा इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
रातभर चला बचाव अभियान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां, दो एंबुलेंस और एक क्रेन तैनात की गई। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग दिया। बचाव दल ने मलबा हटाकर दबे हुए लोगों की तलाश की। रातभर चले अभियान के दौरान दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान, इलाके में शोक
पुलिस ने मृतकों की पहचान चंदरपाल (60 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय नानक चंद, और विजय कुमार (33 वर्ष), पुत्र चंदरपाल, निवासी गली नंबर-14, हर्ष विहार, दिल्ली के रूप में की है। दोनों के पिता-पुत्र होने की जानकारी सामने आई है। इस हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।
जांच जारी बचाव कार्य भी जारी
पुलिस के मुताबिक भवन गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। मामले में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की जा रही है। बचाव अभियान जारी रहने के दौरान घटनास्थल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।












