
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार के लिए देश के बड़े हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई जगहों पर आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की भी संभावना है।
उत्तर भारत: दिल्ली-NCR में रेड अलर्ट
IMD के मुताबिक कल दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। दिल्ली-NCR में तेज़ बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का अनुमान है।
कुछ इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक बाधित हो सकता है। जम्मू-कश्मीर और पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश होगी। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बिजली के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
मध्य और पूर्वी भारत: MP-विदर्भ में सबसे ज्यादा बारिश
मध्य प्रदेश और विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। निचले इलाकों में पानी भर सकता है। वहीं बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ और झारखंड में बिजली कड़कने के साथ तेज़ हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा में भी आंधी-तूफान के आसार हैं।
पूर्वोत्तर: 8 राज्यों में भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होगी। इस क्षेत्र में कुछ जगहों पर बिजली गिरने और तेज़ हवाओं के साथ तूफान की भी संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
पश्चिम और दक्षिण भारत: तटीय इलाकों पर नजर
कोंकण, गोवा, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के अंदरूनी इलाकों में भारी बारिश होगी। गुजरात में भी तेज़ बारिश का अनुमान है। कर्नाटक, तटीय आंध्र और तेलंगाना में आंधी के साथ तेज़ हवाएं चल सकती हैं। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में बिजली और तूफान की चेतावनी है।
अगले 3-4 दिन कैसे रहेंगे
IMD ने कहा है कि 3 अगस्त तक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मॉनसून के सक्रिय रहने की वजह से अगले तीन से चार दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर, मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी संभव है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
गौरतलब है कि IMD ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें। नदी-नालों के किनारे न जाएं और बिजली गिरने पर सुरक्षित जगह पर रहें। किसानों को भी फसल और मवेशियों की सुरक्षा के इंतजाम करने को कहा गया है।











