विराट ने सचिन के ऐतिहासिक आंकड़े को पीछे छोड़ा, बेहद कम पारियों में हासिल की बड़ी उपलब्धि

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भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल विराट कोहली ने एक बार फिर साबित किया है कि दबाव वाली परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन किस स्तर का रहता है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में उन्होंने एक ऐसा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया, जिसके लिए क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय से इंतजार था।

इस उपलब्धि के साथ कोहली ने भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का वर्षों पुराना रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें सचिन के मुकाबले काफी कम पारियों की जरूरत पड़ी।

लक्ष्य का पीछा करने में बने सबसे आगे

वनडे मुकाबलों में दूसरी पारी के दौरान बल्लेबाजी करते हुए सबसे अधिक रन जुटाने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब विराट कोहली शीर्ष पर पहुंच गए हैं। इससे पहले यह स्थान सचिन तेंदुलकर के पास था, जिन्होंने रन चेज में 8720 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड के विरुद्ध मुकाबले में कोहली को इस आंकड़े से आगे निकलने के लिए 54 रनों की आवश्यकता थी। उन्होंने अपनी शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए पारी की 39वीं गेंद पर चौका लगाया और व्यक्तिगत स्कोर 55 रन तक पहुंचा दिया। इसी के साथ उन्होंने सचिन के पुराने आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनका कुल स्कोर 8722 रन से अधिक हो चुका है।

सचिन से काफी कम पारियों में बनाया नया रिकॉर्ड

विराट की इस उपलब्धि को और खास बनाने वाली बात उनकी निरंतरता है। सचिन तेंदुलकर ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने 8720 रनों तक पहुंचने के लिए 232 पारियां खेली थीं। दूसरी ओर कोहली ने यह मुकाम केवल 169 पारियों में हासिल कर लिया। इसके लिए उन्हें कुल 176 मुकाबलों में बल्लेबाजी करनी पड़ी। यानी पारियों के लिहाज से उन्होंने अपने पूर्ववर्ती रिकॉर्डधारक की तुलना में काफी कम समय लिया। इस श्रेणी में रोहित शर्मा भी प्रमुख भारतीय बल्लेबाज हैं। उनके खाते में 163 पारियों के दौरान 6801 रन दर्ज हैं।

विदेशी मैदानों पर भी कोहली का दबदबा

न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेली गई इस पारी में कोहली ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। उन्होंने केवल 35 गेंदों का सामना करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। विदेशी मैदानों पर वनडे प्रारूप में यह उनका 50वां ऐसा प्रदर्शन रहा, जिसमें उन्होंने कम से कम पचास रन बनाए। इस सूची में उनके नाम 21 शतक और 29 अर्धशतक शामिल हैं। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीय सरजमीं के बाहर भी उनका बल्ला लगातार प्रभाव छोड़ता रहा है।

भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि

कोहली की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता लक्ष्य का पीछा करते समय दिखाई देती है। वह परिस्थितियों को समझकर पारी आगे बढ़ाते हैं और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता भी रखते हैं। सचिन जैसे महान खिलाड़ी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ना उनके लंबे करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। भारतीय प्रशंसकों के लिए यह गर्व का अवसर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोहली की महानता को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं।

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