नई दिल्ली: भारतीय रेलवे लगातार सेमी-हाई स्पीड ट्रेनों का नेटवर्क बढ़ाने पर काम कर रहा है. इसी कड़ी में कर्नाटक में यशवंतपुर से मंगलुरु सेंट्रल के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल रन किया गया. 16 कोच वाली सफेद-नीले रंग की ट्रेन को ट्रैक पर दौड़ते हुए देखा गया. ट्रायल से जुड़े वीडियो को बेंगलुरु मंडल के डीआरएम ने सोशल मीडिया पर साझा किया है.
यशवंतपुर-मंगलुरु रूट पर ट्रायल
नई वंदे भारत का परीक्षण दक्षिण पश्चिम रेलवे के करीब 360 किलोमीटर लंबे यशवंतपुर-मंगलुरु सेंट्रल रेल मार्ग पर किया गया. इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य ट्रेन की संचालन क्षमता, यात्रा समय और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच करना है.
ट्रायल रन के दौरान रेलवे के अलग-अलग विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. ऑपरेशन, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग और मैकेनिकल टीमों ने ट्रेन के प्रदर्शन के साथ-साथ ट्रैक और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की निगरानी की.
16 कोच की वंदे भारत ने खींचा ध्यान
ट्रायल के दौरान सफेद और नीले रंग की 16 डिब्बों वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पटरियों पर दौड़ती नजर आई. आधुनिक सुविधाओं वाली इस ट्रेन के आने से इस रूट पर यात्रियों को भविष्य में तेज और आरामदायक सफर का विकल्प मिल सकता है.
इस सेवा से बेंगलुरु और तटीय कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. हालांकि, नियमित सेवा शुरू करने से पहले रेलवे को ट्रायल के दौरान मिले तकनीकी और सुरक्षा आंकड़ों का मूल्यांकन करना होगा.
कर्नाटक को मिलेगी नई वंदे भारत
रिपोर्ट के अनुसार, यह ट्रेन कर्नाटक में संचालित वंदे भारत सेवाओं की संख्या बढ़ाने की दिशा में एक और कदम है. राज्य में पहले से कई वंदे भारत ट्रेनें अलग-अलग रूट पर चल रही हैं.
देशभर में बढ़ रहा वंदे भारत नेटवर्क
वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 2019 में हुई थी. इसके बाद भारतीय रेलवे ने इस आधुनिक ट्रेन का नेटवर्क लगातार विस्तार किया है. चेयर कार सेवाओं के अलावा अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के जरिए लंबी दूरी की यात्राओं को भी तेज और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
यशवंतपुर-मंगलुरु रूट का यह ट्रायल भी इसी विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है. नियमित संचालन को लेकर अंतिम फैसला ट्रायल और जरूरी सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद लिया जाएगा.












