UP Budget 2026: योगी सरकार ने खोला विकास का पिटारा, 5 हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी

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UP Supplementary Budget 2026-27
UP Supplementary Budget 2026-27

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान पेश अनुपूरक बजट में राज्य के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं. सरकार ने अलग-अलग एक्सप्रेसवे और लिंक परियोजनाओं के लिए करीब 18,400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसका मकसद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को तेज और बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है.

विंध्य एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल को मिलेगा फायदा

विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए बजट में 6,580 करोड़ रुपये रखे गए हैं. करीब 333 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र समेत आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. इससे विंध्य और पूर्वांचल के औद्योगिक व खनिज क्षेत्रों को बड़े शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी.

गंगा एक्सप्रेसवे पहुंचेगा हरिद्वार

गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने की योजना को भी बजट में जगह मिली है. इसके लिए 5,780 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. प्रस्तावित विस्तार मेरठ से मुजफ्फरनगर और रुड़की होते हुए हरिद्वार तक जाएगा. इससे पश्चिमी यूपी, दिल्ली-NCR और पूर्वांचल के लोगों को हरिद्वार तक पहुंचने के लिए बेहतर हाईस्पीड मार्ग मिलेगा.

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे की घोषणा

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 2,380 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लगभग 117 किलोमीटर लंबा यह मार्ग सोनभद्र और चंदौली को गाजीपुर के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा. इससे सोनभद्र की लखनऊ और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है.

फर्रुखाबाद और जेवर को भी मिलेगी कनेक्टिविटी

फर्रुखाबाद ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 400 करोड़ रुपये रखे गए हैं. यह आगरा-लखनऊ और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर संपर्क बनाने में मदद करेगा. वहीं, जेवर एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए भी 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसके जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पश्चिमी यूपी के कई इलाकों के बीच आवागमन आसान होगा.

एक्सप्रेसवे नेटवर्क को ग्रिड बनाने की तैयारी

सरकार का लक्ष्य अलग-अलग एक्सप्रेसवे को लिंक मार्गों से जोड़कर प्रदेश में एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है. इससे यात्रा का समय कम होने के साथ कारोबार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है.

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