पंजाब में नशे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार, एक ही रात में दो सगे भाइयों की मौत से मचा कोहराम

0
7
Tarn Taran, Patti Tragedy, Punjab Drug Crisis
Credit: AI

तरनतारन जिले के पट्टी कस्बे में रविवार की सुबह एक परिवार के लिए ऐसा दुख लेकर आई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। शनिवार की रात अपने कमरे में सोने गए दो सगे भाई अगले दिन जीवित नहीं मिले। मृतकों की पहचान 36 वर्षीय गुरदीप सिंह और 28 वर्षीय सोना सिंह के रूप में हुई है। दोनों जगसीर सिंह के बेटे थे। परिजनों के मुताबिक, दोनों लंबे समय से नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे। एक साथ दो जवान बेटों को खोने के बाद घर में मातम छाया हुआ है। इस घटना से आसपास के लोगों में भी चिंता और दुख का माहौल है। हालांकि, दोनों की मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।

चार वर्षों से छोटे कमरे में गुजर रही थी जिंदगी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार करीब चार साल से पट्टी स्थित तारनवाला स्कूल परिसर में बने एक छोटे कमरे में रह रहा था। इसी परिसर में ब्लॉक कार्यालय भी बताया गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए दोनों भाई मेहनत-मजदूरी करते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद घर का खर्च चलाने का प्रयास किया जा रहा था। लेकिन रविवार को हुई इस घटना ने परिवार के सामने भावनात्मक और आर्थिक, दोनों तरह का संकट खड़ा कर दिया है।

तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बड़े भाई गुरदीप सिंह की शादी हो चुकी थी। उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे हैं। अचानक हुई मौत के कारण बच्चों के भविष्य और परिवार के भरण-पोषण को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। वहीं, छोटा भाई सोना सिंह अविवाहित था। दोनों की मौत से परिवार ने अपने दो कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं। परिजनों के लिए इस सदमे से उबरना बेहद कठिन हो गया है।

सुबह जगाने पहुंची मां तो सामने आया दर्दनाक मंजर

मृतकों की मां सुरिंदर कौर और बहन सतविंदर कौर ने बताया कि शनिवार रात दोनों भाई कथित तौर पर नशे की हालत में कमरे में सोए थे। रविवार सुबह जब परिवार के सदस्यों ने उन्हें उठाने का प्रयास किया, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद दोनों की मौत होने का पता चला। एक ही कमरे में दो बेटों को मृत देखकर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

एक को चिट्टे की लत, दूसरा लेता था नशीली गोलियां

परिवार का दावा है कि गुरदीप और सोना अलग-अलग प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन करते थे। एक भाई कथित रूप से हेरोइन, जिसे आम बोलचाल में चिट्टा कहा जाता है, का आदी था। दूसरा नशीली गोलियों का सेवन करता था। हालांकि, परिजनों के इन बयानों के आधार पर मौत की वजह निश्चित नहीं मानी जा सकती। इसके लिए पोस्टमार्टम और अन्य जरूरी जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

नशे की रोकथाम और युवाओं के पुनर्वास पर उठे सवाल

पंजाब में नशीले पदार्थों की उपलब्धता, उनकी रोकथाम और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार की आवश्यकता को फिर उजागर किया है। स्थानीय स्तर पर ऐसी घटनाएं परिवारों की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। अब सवाल यह है कि नशे के आदी लोगों तक समय रहते इलाज, परामर्श और पुनर्वास की सुविधाएं कैसे पहुंचाई जाएं, ताकि दूसरे परिवारों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here