नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कैलिफोर्निया दौरे से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लॉस एंजिलिस के पास स्थित ट्रंप नेशनल गोल्फ क्लब के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बता दें, आरोपी के पास से पिस्टल और देश में बैन आर्मर-पियर्सिंग गोलियां बरामद हुई हैं. वहीं घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.
जीनिन जॉन टेले के तौर पर हुई आरोपी की पहचान
लॉस एंजिलिस काउंटी शेरिफ विभाग (LACSD) के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 38 वर्षीय जीनिन जॉन टेले के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया के डाउनी का रहने वाला है. अधिकारियों ने बताया कि रविवार को गोल्फ क्लब की पार्किंग में उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उसे रोका गया. वहीं जांच के दौरान उसकी कार से एक पिस्टल और देश में बैन गोला-बारूद बरामद हुआ.
आरोपी के क्या थे असली इरादे?
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी गोल्फ क्लब परिसर के आसपास घूमकर फोटो और वीडियो बना रहा था तथा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करता दिखाई दिया। इसके बाद उसे छिपाकर हथियार और गोला-बारूद रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया. वहीं अब इस मामले की जांच अब एफबीआई की जॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस संयुक्त रूप से कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके इरादे क्या थे और क्या वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था.
राष्ट्रपति ट्रंप इस सप्ताह कैलिफोर्निया में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) के फंडरेजिंग डिनर में शामिल होने वाले हैं. ऐसे में उनकी यात्रा से ठीक पहले हुई यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील मानी जा रही है.
पहले ही कई बार डोनाल्ड ट्रंप पर हो चुके हमले
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई बार हमलों और हमले की कोशिशों का सामना कर चुके हैं. बता दें, जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की चुनावी रैली के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी, जिसमें उनके कान में चोट लगी थी. इसके बाद सितंबर 2024 में फ्लोरिडा स्थित उनके गोल्फ क्लब में भी एक व्यक्ति हथियार के साथ पकड़ा गया था. इतना ही नहीं अप्रैल 2026 में वॉशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भी फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया था. इन लगातार घटनाओं को देखते हुए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर अब ओर अधिक सतर्क हो गई है.










