नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सुंदर नगरी इलाका उस वक्त दहल उठा, जब पारिवारिक संपत्ति और दुकान को लेकर चल रहे विवाद ने एक बेकाबू खूनी रूप ले लिया। महज फ्रिज से पानी की बोतल निकालने की छोटी सी बात पर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि 28 वर्षीय मोहम्मद अली की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। आधी रात को हुए इस दर्दनाक हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई। वारदात की सूचना मिलते ही हरकत में आई नंद नगरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 12 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी 71 वर्षीय नसीरुद्दीन और उसके 26 वर्षीय बेटे जावेद को धर दबोचा।
आरोपियों के ठिकाने से हथियार बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही मुख्य चाकू बरामद कर लिया। इसके बाद जब पुलिस टीम ने आरोपी नसीरुद्दीन के कमरे की गहन तलाशी ली, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
घर के भीतर से चाकू, तलवारें और अन्य खतरनाक अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस अब बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर किस मकसद से इतने हथियार घर में जमा करके रखे गए थे।
बहस के बाद हुआ जानलेवा हमला
यह खूनी वारदात 12 और 13 सितंबर की दरमियानी रात करीब 1:43 बजे सुंदर नगरी के एच-ब्लॉक स्थित गली नंबर 2 के मकान में घटी। पहली मंजिल पर रहने वाला अली जब ग्राउंड फ्लोर पर रखे फ्रिज से पानी लेने नीचे गया, तो दरवाजा बंद होने के कारण ताऊ के परिवार से बहस हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना गहराया कि नसीरुद्दीन ने अली को कसकर जकड़ लिया और उसके बेटे जावेद ने अली के शरीर पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से लहूलुहान अली को परिजन जीटीबी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पूरे मकान पर कब्जे की नीयत ने ली जान
डीसीपी राहुल अलवाल के मुताबिक, नसीरुद्दीन और मृतक के पिता जुमादीन के बीच मुर्गा मार्केट स्थित कपड़े की एक दुकान और पूरे मकान के हक को लेकर बीते 8 महीनों से रंजिश चल रही थी। मृतक के भाई तालिब का आरोप है कि आरोपी पक्ष पहले भी अली के साथ मारपीट कर चुका था और वे पूरी संपत्ति को हड़पना चाहते थे। इस वारदात के बाद से पीड़ित परिवार गहरे खौफ में है, जिसे देखते हुए इलाके में एहतियातन पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।












