नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अपराधियों ने चोरी का ऐसा फिल्मी तरीका अपनाया कि सुनार भी उनके जाल में फंस गया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी का रौब दिखाकर बाइक रुकवाई, फिर बातों में उलझाकर पीछे टंगे बैग की चेन खोली और करीब 45 लाख रुपये के सोने के जेवर लेकर चंपत हो गए। हालांकि सेंट्रल जिला पुलिस की मुस्तैदी ने अपराधियों की चाल पर पानी फेर दिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोचकर चोरी के सभी 400 ग्राम सोने के आभूषण बरामद कर लिए हैं।
फर्जी ट्रैफिक पुलिस बनकर रोका
सेंट्रल जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रशांत चौधरी ने बताया कि 1 नवंबर को महालक्ष्मी ज्वेलर्स (स्वास्तिक) बीडनपुरा से शिकायतकर्ता करीब 400 ग्राम सोने के आभूषण लेकर अपनी बाइक से ब्रिटानिया चौक स्थित कार्यालय जा रहा था। जेवरों से भरा बैग उसने बाइक के पीछे टांग रखा था। जैसे ही वह बैंक स्ट्रीट चौराहे के पास पहुंचा, एक आरोपी ने खुद को यातायात नियंत्रक बताकर उसे रोक लिया।
बातों में उलझाकर बैग से उड़ाए जेवर
इसी दौरान अपराध की पटकथा का दूसरा किरदार सक्रिय हुआ। एक आरोपी ने बाइक सवार को उलझाए रखा, जबकि दूसरे ने चुपके से बैग की चेन खोलकर सोने के जेवर निकाल लिए। तीसरा साथी आसपास नजर रखता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी ने खोला राज, आनंद पर्वत से दबोचे गए तीनों
शिकायत मिलने पर करोल बाग थाने में इलेक्ट्रॉनिक प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और स्थानीय खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया। लगातार पीछा करने के बाद 3 नवंबर को पुलिस टीम ने आनंद पर्वत इलाके से भारत (27) कपिल उर्फ राहुल (33) और काव्या आर्यन सैनी उर्फ भांजा (22) को गिरफ्तार कर लिया।
45 लाख का सोना बरामद, बदमाश गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कपिल आनंद पर्वत थाने का घोषित बदमाश है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, शस्त्र अधिनियम और चोरी सहित कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। भारत भी हत्या और चोरी के मामलों में शामिल रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए करीब 400 ग्राम सोने के सभी आभूषण बरामद कर लिए हैं। बरामद जेवरों की अनुमानित कीमत 45 लाख रुपये बताई गई है।












