राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 80 लाख मिलने के बाद पुलिस ने तेज की कार्रवाई

0
8
Ram Mandir chanda chori
Ram Mandir chanda chori

उत्तर प्रदेश: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ाते हुए आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है. पहले ही इस मामले में 80 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी और आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. अब पुलिस आरोपियों की संपत्ति, आर्थिक स्थिति और मामले से जुड़े अन्य संभावित सबूतों की तलाश में जुटी है. माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर कई नए पहलुओं की जांच की जा रही है.

जांच के तहत पुलिस टीमों ने मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के घरों पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान अयोध्या के रामधाम स्थित स्वर्गद्वार मोहल्ले में रहने वाले रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, कौशलपुरी निवासी अनुकल्प मिश्र और रुदौली निवासी लवकुश मिश्रा समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों की भी जांच की गई. बताया जा रहा है कि कुछ घरों के दरवाजे बंद होने के कारण पुलिस को अंदर पहुंचने में भी मशक्कत करनी पड़ी. तलाशी के दौरान टीम ने जरूरी दस्तावेज, संभावित सबूत और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने का प्रयास किया. साथ ही आरोपियों के परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर कई जानकारियां एकत्र की गईं.

संपत्ति और आर्थिक स्थिति की भी हो रही जांच

पुलिस अब केवल चोरी की रकम तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आरोपियों की आर्थिक स्थिति की भी गहराई से जांच कर रही है. जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मंदिर में काम शुरू करने से पहले और वर्तमान समय में आरोपियों की संपत्ति और जीवनशैली में कितना बदलाव आया. इसके अलावा बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस जांच से मामले से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं.

थाना प्रभारी ने दी कार्रवाई की जानकारी

रामजन्मभूमि थाना प्रभारी निरीक्षक सुमित श्रीवास्तव ने आरोपियों के घरों पर हुई छापेमारी की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी जरूरी पहलुओं की जांच कर रही है और यदि आगे भी किसी स्थान पर कार्रवाई की आवश्यकता महसूस होगी तो इसी तरह की जांच जारी रखी जाएगी. फिलहाल पुलिस ने छापेमारी में क्या-क्या मिला, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है.

एसआईटी रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज हुई. इसके बाद राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से नोटों की गिनती का काम करने वाले आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई.

एफआईआर में रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और रमाशंकर मिश्रा के नाम शामिल किए गए. मामला दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से करीब 80 लाख रुपये नकद भी बरामद किए, जिसे जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

कार्रवाई के समय को लेकर उठे सवाल

हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. विपक्षी दलों और कुछ अन्य लोगों का कहना है कि पहले एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी और उसके बाद एसआईटी जांच शुरू की जानी चाहिए थी. उनका तर्क है कि जांच शुरू होने और एफआईआर दर्ज होने के बीच का समय आरोपियों को सबूत हटाने या अन्य चीजें छिपाने का अवसर दे सकता था.

हाल की छापेमारी को लेकर भी कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाती तो जांच को और मजबूती मिल सकती थी. साथ ही कई दिनों बाद की गई तलाशी से नए सबूत मिलने की संभावना पहले की तुलना में कम हो सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here