तेल हुआ सस्ता, लेकिन राहत नहीं! पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

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Petrol Diesel Price Today
Petrol Diesel Price Today

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच कच्चे तेल की कीमतों में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से रुकी बातचीत को फिर से शुरू कराने के लिए चीन के बीच में आने की खबर से बाजार में राहत का माहौल बना. इसके बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कच्चे तेल की कीमत करीब 4 फीसदी तक गिर गई. हालांकि, पूरे सप्ताह के हिसाब से इसमें लगभग 10 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 

सरकारी तेल कंपनियों ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को भी देशभर में ईंधन की कीमतें स्थिर रखीं. 25 मई 2026 के बाद से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने लंबे समय तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से परहेज किया था. हालांकि, मई महीने में चार बार ईंधन के दाम बढ़ाए गए. इसके बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बना हुआ है और उन्हें अब भी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

कब-कब बढ़ी कीमत?

सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने मई 2026 में पहली बार 15 मई को पेट्रोल की कीमत में 3 रुपये और डीजल के दाम में 3.29 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा किया गया. इसके बाद 23 मई को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 87 पैसे और 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई. वहीं, 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ.

इन बढ़ोतरी के बाद भी शनिवार को देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये प्रति लीटर है.

डीजल का रेट

सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को दिल्ली में डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर रही. कोलकाता में डीजल 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर तेल कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी पड़ा है. बीपीसीएल और एचपीसीएल को जून तिमाही में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है. वहीं, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन यानी IOCL ने अभी तक अपने तिमाही नतीजे जारी नहीं किए हैं.

कच्चे तेल की कीमत

पूरे सप्ताह कच्चे तेल की कीमत में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि, शुक्रवार को पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद बढ़ने के बाद कीमतों में तेज गिरावट आई. ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 3.88 फीसदी यानी 3.91 डॉलर की गिरावट के साथ 96.78 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ. इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत भी 3.12 फीसदी यानी 2.88 डॉलर घटकर 89.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई.

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहा तो कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है. कुछ जानकारों के मुताबिक, अगर हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में राहत के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दाम में तत्काल कोई कमी नहीं मिली है. 

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