मूसलाधार बारिश से लखनऊ की फल-सब्जी सप्लाई चेन चरमराई, बाहरी राज्यों की आपदा बनी वजह

0
6
Vegetable Market
Pinterest

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की फल-सब्जी मंडियों से लेकर गलियों के फुटकर बाजारों तक इन दिनों महंगाई का पारा चढ़ा हुआ है। बीते कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और बाहरी राज्यों में आई प्राकृतिक आपदाओं ने पूरी सप्लाई चेन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंडियों में सब्जियों की आवक घटने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। आलमबाग, फतेहगंज और निशातगंज जैसी प्रमुख रिटेल मार्केट में हरी सब्जियों से लेकर प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। महज तीन दिनों के भीतर रसोई के सबसे जरूरी सामान यानी प्याज के दाम में 10 रुपये प्रति किलो तक का उछाल दर्ज किया गया है।

नासिक की बारिश ने बिगाड़ा दुबग्गा मंडी का गणित

महाराष्ट्र में हुई भारी बारिश से प्याज की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दुबग्गा मंडी में पहले रोज 15 से 20 ट्रक प्याज पहुंचता था, वहीं अब यह केवल 10 से 12 ट्रक रह गई है। 

इस बड़ी किल्लत के कारण थोक बाजार में ही प्याज के दाम 27-32 रुपये से बढ़कर सीधे 37-42 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गए हैं। ग्राहकों को ये 55 से 60 रुपये किलो में मिल रहा है।

हरी सब्जियों का भाव तेज

रसोई के बजट को सिर्फ प्याज ही नहीं, बल्कि अन्य हरी सब्जियां भी बिगाड़ रही हैं। बाजार में आलू जो पहले 10 से 15 रुपये प्रति किलो मिलता था, वह अब बढ़कर 15 से 24 रुपये के स्तर को छू रहा है। भिंडी 40 रुपये और लौकी व तोरई जैसी मौसमी सब्जियां 30 से 40 रुपये प्रति किलो के भाव पर टिक गई हैं। शिमला मिर्च और हरे धनिये की कीमतें तो शतक लगाकर 100 से 120 रुपये के पार पहुंच चुकी हैं। हालांकि, इस पूरे संकट के बीच टमाटर ने आम उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत जरूर दी है। सप्लाई सुधरने से टमाटर 10 रुपये सस्ता होकर अब 40 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। सब्जियों के इस तीखे तेवर से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक सब्जी बजट 3,000-3,500 रुपये से बढ़कर 5,000-5,500 रुपये के पार निकल गया है।

लखनऊ की रसोई पर महंगाई का धावा

मंडी से दूरी और ढुलाई के बढ़ते खर्चों के चलते लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में सब्जियों के दामों में काफी भिन्नता देखी जा रही है। मिसाल के तौर पर शिमला मिर्च आलमबाग में 100-120 रुपये किलो है तो फतेहगंज में यही 100 रुपये में मिल रही है। इसी तरह आलू आलमबाग में 20-24 रुपये और फतेहगंज में 15-20 रुपये के आसपास है। कुल मिलाकर, सब्जियों के इस तीखे तेवर से मध्यमवर्गीय परिवारों का मासिक सब्जी बजट 3,000-3,500 रुपये से बढ़कर 5,000-5,500 रुपये के पार निकल गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here