नई दिल्ली: एआई और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग से जुड़ा एक गंभीर मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा है। कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और रत्ना सिंह को नोटिस जारी किया है। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ एक महिला की मॉर्फ्ड और अश्लील तस्वीर सोशल मीडिया पर फैलाई। इसके साथ ही कोर्ट ने मेटा को भी सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऐसी सभी आपत्तिजनक तस्वीरों को बिना किसी देरी के प्लेटफॉर्म से हटाया जाए।
पीड़ित महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि यह सिर्फ एक महिला से जुड़ा साधारण मामला नहीं है, बल्कि सीधे देश के प्रधानमंत्री से संबंधित मामला है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिया कि वह इस मामले को पूरी संवेदनशीलता के साथ हैंडल करे।
अधिवक्ता ने की तत्काल सुनवाई की मांग
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता उमेश शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ के सामने इस मामले का विशेष उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले से ही एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बाद खंडपीठ ने मामले को शुक्रवार को सूचीबद्ध करने की अनुमति दे दी। हालांकि वकील ने यह भी दलील दी कि अभी तक जिम्मेदार लोगों को पकड़ने या वायरल हो रहे डीपफेक लिंक को तुरंत हटाने अथवा ब्लॉक करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब 14 अक्टूबर को होगी। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को पीड़ित महिला को पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है, क्योंकि महिला ने कोर्ट को बताया था कि उसे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
याचिका में लगाए गए हैं गंभीर आरोप
दायर की गई याचिका में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके मुताबिक, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए सीजेपी के प्रदर्शनों के दौरान पार्टी के नेताओं ने अपने कुछ सक्रिय सहयोगियों के साथ मिलकर याचिकाकर्ता की निजी तस्वीर बिना उसकी इजाजत के हासिल की। इसके बाद एआई आधारित फेस-स्वैपिंग तकनीक का इस्तेमाल करके उसके चेहरे को प्रधानमंत्री के साथ एक बेहद अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीर के साथ मॉर्फ कर दिया गया।












