नई दिल्ली: महानगर के एक बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान के परिसर से एक बहुत ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पवई में स्थित इस बड़े परिसर में शुक्रवार देर रात एक तेंदुआ घुस गया. यह घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वीडियो में तेंदुआ एक आवारा कुत्ते पर हमला करते और उसे अपने साथ ले जाते हुए देखा जा सकता है. इस घटना के बाद परिसर के प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है.
रात के अंधेरे में हमला
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार तड़के लगभग 2:30 बजे हुई जब तेंदुआ स्टाफ हॉस्टल के पास देखा गया. सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिख रहा है कि चारों तरफ सन्नाटा था. उसी समय, झाड़ियों से एक तेंदुआ निकलता है और वहां घूम रहे एक बेसहारा कुत्ते पर हमला कर देता है. हमला इतना अचानक और जोरदार था कि कुत्ते को भागने का मौका नहीं मिला. कुछ ही सेकंड में तेंदुआ कुत्ते को अपने जबड़ों में पकड़ता है और पास की झाड़ियों में खींच ले जाता है. इस हमले में कुत्ते की मौत हो गई.
A Leopard Entered IIT Bombay Campus at Staff Hostel and Viciously Attacked a Dog Caught on CCTV Camera😳 pic.twitter.com/bsfcUvBTXS— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) June 19, 2026
छात्र और स्टाफ सुरक्षित
संस्थान के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी भी छात्र, प्रोफेसर या स्टाफ को नुकसान नहीं पहुंचा है. तेंदुआ केवल कुत्ते पर केंद्रित था और फिर वह जंगल की ओर लौट गया. हालांकि, इस घटना ने परिसर में रहने वालों में डर पैदा कर दिया है.
एडवाइजरी जारी
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आवासीय क्षेत्रों और स्टाफ क्वार्टर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है. छात्रों और कर्मचारियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है जिसमें उन्हें देर रात या सुबह अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. किसी भी वन्यजीव को देखने पर तुरंत सुरक्षा टीम को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं.
वन्यजीवों का टकराव
यह हरा-भरा परिसर सीधे एक बड़े राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से लगा हुआ है, जो कई तेंदुओं का प्राकृतिक घर है. विशेषज्ञों का कहना है कि इन इलाकों में तेंदुओं का दिखना कोई नई बात नहीं है. तेंदुए अक्सर भोजन की तलाश में इंसानी बस्तियों में आते हैं और आवारा कुत्ते उनके मुख्य शिकार होते हैं. फिलहाल वन विभाग और परिसर प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि इंसानों की सुरक्षा के साथ-साथ इस वन्यजीव को भी कोई नुकसान न पहुंचे.
















