नई दिल्ली: कैब और बाइक टैक्सी बुक करते वक्त महिलाओं की सबसे बड़ी चिंता ड्राइवर का व्यवहार होती है। दिल्ली में रैपिडो की एक रात की राइड के दौरान जो हुआ, उसने इसी डर को फिर से जिंदा कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पीड़िता के बयान के बाद लोग रैपिडो की सेफ्टी पर सवाल उठा रहे हैं।
सिग्नल पर हुआ खुलासा
पीड़िता सुकन्या ने सफदरजंग से मॉडल टाउन के लिए रात 8:48 बजे रैपिडो बुक की थी। रास्ते में ट्रैफिक सिग्नल पर रुकते ही बगल वाली बाइक पर बैठी एक लड़की ने उन्हें इशारा किया। इशारा था कि ऑटो ड्राइवर कुछ गलत देख रहा है।
सुकन्या के ध्यान देते ही ड्राइवर ने फौरन फोन छुपा लिया। राइड खत्म होने में करीब आधा घंटा बाकी था और रास्ते की जानकारी न होने की वजह से सुकन्या ने डेस्टिनेशन आने तक इंतजार करने का फैसला किया।
जब उन्होंने ड्राइवर से पूछा कि क्या देख रहे हो, तो जवाब मिला “विदेशी वीडियो”। सुकन्या ने उसे फटकार लगाई और कहा कि घर वाले आ रहे हैं। इसके बाद ड्राइवर चुप हो गया।
सेफ्टी टीम से नहीं मिला जवाब
सुकन्या ने पूरी राइड के दौरान रैपिडो की सेफ्टी टीम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। मदद न मिलने पर उन्होंने घटना का वीडियो बना लिया।
वीडियो वायरल होते ही रैपिडो की सेफ्टी टीम कमेंट सेक्शन में सामने आई और पीड़िता से संपर्क किया। सोशल मीडिया पर लोग इस देरी को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में तुरंत मदद मिलनी चाहिए, न कि वीडियो वायरल होने के बाद।
ड्राइवर पर अगले दिन हुई कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कमेंट में गुस्सा जाहिर किया। कई यूजर्स ने लिखा कि महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुछ लोगों ने अपने अनुभव भी शेयर किए। एक यूजर ने बताया कि उनके साथ भी ऐसा हुआ था और रैपिडो ने अगले दिन ड्राइवर पर कार्रवाई की थी। घटना के बाद रैपिडो ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर राइड-शेयरिंग कंपनियों की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। रात के समय सफर करने वाली महिलाओं के लिए इन-ऐप इमरजेंसी बटन, लाइव ट्रैकिंग और तुरंत रिस्पॉन्स सिस्टम कितने असरदार हैं, यह बड़ा मुद्दा बन गया है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियों को ड्राइवरों की बैकग्राउंड जांच के साथ-साथ राइड के दौरान निगरानी भी बढ़ानी होगी। वरना “सुरक्षित राइड” का वादा सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।












