नई दिल्ली: अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने अपनी सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सेना के शीर्ष पदों पर नई नियुक्तियां की हैं. इसे उनके नेतृत्व में ईरान के सैन्य ढांचे में हुआ अहम फेरबदल माना जा रहा है.
सेना और IRGC को मिला नया नेतृत्व
मोजतबा खामेनेई के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही को ईरान की सशस्त्र सेनाओं का नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया है. इससे पहले वह खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वहीं, ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नया कमांडर बनाया गया है. नियुक्ति के साथ उन्हें मेजर जनरल का पद भी दिया गया है.
अली अब्दोल्लाही का अमेरिका और उसके सहयोगियों के प्रति रुख पहले से ही सख्त रहा है. उन्होंने हाल में क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए सुरक्षा कवच की भूमिका निभाते हैं, तो उन्हें भी संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है.
मोहसिन रेजाई को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
सैन्य नियुक्तियों से पहले ईरान के सुरक्षा तंत्र में एक और बड़ा बदलाव हुआ. पूर्व IRGC कमांडर मोहसिन रेजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का नया सचिव बनाया गया है. रेजाई लंबे समय तक IRGC का नेतृत्व कर चुके हैं और ईरान-इराक युद्ध के दौरान संगठन की कमान संभाल चुके हैं. इससे पहले इस पद पर मोहम्मद बाघेर जोलघद्र थे, जिन्हें अब मोजतबा खामेनेई का राजनीतिक सलाहकार बनाया गया है.
होर्मुज पर बढ़ा तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है. यह रणनीतिक समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे समय में सैन्य और सुरक्षा नेतृत्व में बदलाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि मोजतबा खामेनेई युद्ध और सुरक्षा नीति पर अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ नए नेतृत्व के जरिए ईरान की रणनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं.












