ट्रंप ने जिनपिंग को याद दिलाई दूसरे विश्वयुद्ध की दोस्ती, फिर राष्ट्रपति शी ने दी ऐसी नसीहत कि सब चौंके

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Xi Jinping Warns of Thucydides Trap
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नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बृहस्पतिवार को अमेरिका की अपनी दूसरी राजकीय यात्रा की शुरुआत की। व्हाइट हाउस पहुंचने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनका औपचारिक स्वागत किया और दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग से दोनों देशों का भविष्य बेहतर बनाने का संकल्प दोहराया।

व्हाइट हाउस के साउथ पोर्टिको में सैन्य बैंड की धुनों के बीच ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ने शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की अगवानी की। चीनी राष्ट्रपति इस मौके पर एक काली होंगकी (“रेड फ्लैग”) N701 SUV में पहुंचे, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति की मशहूर ‘बीस्ट’ कार के समकक्ष माना जाता है। अंदर जाने से पहले दोनों नेता कुछ पल रेड कार्पेट पर साथ खड़े नजर आए।

ट्रंप बोले- साथ मिलकर जीता था विश्व युद्ध, अब भी साथ चलेंगे

शुरुआती संबोधन में ट्रंप ने दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह दोनों देशों के लोगों ने मिलकर वह जंग जीती थी, उसी भावना के साथ वे और शी दोनों देशों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे भी साथ काम करते रहेंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि 2016 में उनकी पहली जीत के बाद से शी के साथ उनकी गहरी दोस्ती बनी है, जो आपसी सम्मान और दोनों देशों के हितों पर टिकी है। 

गौरतलब है कि इस पूरे कार्यक्रम की लाइव कवरेज किसी भी प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्क ने नहीं दिखाई, क्योंकि ट्रंप प्रशासन पहले ही CNN, MSNBC और Politico के पत्रकारों की व्हाइट हाउस परिसर में एंट्री पर रोक लगा चुका है।

शी जिनपिंग ने दी थ्यूसिडाइड्स ट्रैप से बचने की नसीहत

अपने संबोधन में शी जिनपिंग ने कहा कि वे ट्रंप के निमंत्रण पर दोस्ती मजबूत करने और सहयोग का दायरा बढ़ाने के इरादे से अमेरिका पहुंचे हैं। ग्रैंड फोयर में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका जैसे बड़े देशों को सहयोग से फायदा होगा, जबकि टकराव में दोनों का नुकसान तय है। 

उन्होंने दोनों देशों को “थ्यूसिडाइड्स ट्रैप” से बचने की सलाह दी। शी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा स्वस्थ सीमा में रहनी चाहिए और यह एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ भर होनी चाहिए, न कि जीत-हार वाली लड़ाई। शी ने यह भी कहा कि दोनों देशों की जिम्मेदारी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास हमेशा इंसानी नियंत्रण में रहे और इसका इस्तेमाल जनकल्याण के लिए हो।

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