होर्मुज में तेल सप्लाई रोकने की धमकी से बढ़ा तनाव, जहाजों पर हमलों के बाद ईरान का कड़ा रुख

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नई दिल्ली: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल तस्करी के आरोप में सख्त कदम उठाया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के करीबी सूत्रों के मुताबिक, समुद्री नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। यह कार्रवाई नेविगेशन में मदद करने वाले सिस्टम को नष्ट करने और तेल टैंकरों पर हमले के बाद की गई है।

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात एक और टैंकर पर कार्रवाई के बाद नियम तोड़ने वाले जहाजों की आवाजाही बंद हो गई है। इससे पहले भी तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया था। ईरान की फारस न्यूज एजेंसी ने भी IRGC नौसेना के करीबी अधिकारी के हवाले से बताया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले ऐसे जहाजों का रास्ता ब्लॉक कर दिया गया है।

चार जहाजों को बनाया निशाना

IRGC नौसेना ने गुरुवार को जारी बयान में कहा था कि चार जहाजों को टारगेट किया गया है। ईरान का आरोप है कि ये जहाज उत्तरी फारस की खाड़ी में अवैध तरीके से तेल ट्रांसफर कर रहे थे और होर्मुज स्ट्रेट में तय रूट के खिलाफ प्रतिबंधित रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। ईरानी सेना ने दावा किया कि ये सभी जहाज समुद्री नियमों का उल्लंघन कर रहे थे और बिना अनुमति के संवेदनशील क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।

अमेरिका पर लगाया आरोप

IRGC ने इस पूरे मामले में अमेरिका पर भी गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका जहाजों को जानबूझकर प्रतिबंधित समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए उकसा रहा है। ईरान के मुताबिक, उस रास्ते पर बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं और इसके बावजूद जहाजों को वहां से ले जाने की कोशिश की जा रही है, जिससे समुद्री हादसों का खतरा बढ़ रहा है।

दोबारा तस्करी हुई तो होगी सख्त कार्रवाई

IRGC के करीबी सूत्र ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में फिर से तेल की तस्करी शुरू हुई, तो इससे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सूत्र ने कहा कि दोबारा ऐसी गतिविधि होने पर जहाजों के साथ-साथ उनकी मदद करने वाले तकनीकी सिस्टम को भी निशाना बनाया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले पर अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक तेल मार्गों में से एक है, जहां से दुनियाभर के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में ईरान की इस कार्रवाई से वैश्विक तेल बाजार में तनाव बढ़ने की आशंका है।

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