नई दिल्ली: नेपाल में आए फ्लैश फ्लड ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। इस कुदरती आपदा में 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल टूरिज्म के आंकड़े के मुताबिक 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है और इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक सुबह रसुवा में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद 384 यात्री लापता हो गए हैं।
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक हैं। विभाग ने विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से आंकड़ा पेश किया है जिसमें एक जगह 59 और दूसरी जगह कुल 46 भारतीयों की संख्या साफ दिख रही है।
वायरल वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर, होटल से भागते टूरिस्ट बह गए
फ्लैश फ्लड के कई भयानक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह बड़ी बड़ी इमारतें तबाह हो गईं। महज कुछ ही सेकेंड में सबकुछ तहस नहस होता दिखाई दे रहा है।
एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि बहुत से टूरिस्ट होटल से भाग रहे थे लेकिन होटल के पीछे से आ रहे सैलाब ने उन्हें कोई मौका ही नहीं दिया और महज कुछ ही सेकेंड्स में सबकुछ तबाह हो गया। एक और वीडियो में पूरा पुल पानी में बहता दिख रहा है और लोग चीखते चिल्लाते नजर आ रहे हैं।
एक्सपर्ट ने बताई बाढ़ की वजह, ग्लेशियर हिमस्खलन से नदी रुकी फिर टूटी
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट, इस पर जलवायु विशेषज्ञ सस्वता सान्याल के हवाले से नेपाली मीडिया ने बताया कि उत्तरी नेपाल में आई अचानक बाढ़ की वजह ग्लेशियर से हुआ हिमस्खलन हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज सुबह 8 बजकर 37 मिनट पर भूकंप आया जिसकी वजह से एक बड़ा भूस्खलन हुआ जिससे नदी ब्लॉक हो गई जिसके कारण बाढ़ आई। भोटे कोशी चीन से नेपाल में आती है और आगे भारत में जाकर गंगा नदी में मिलती है। इसलिए बिहार तक इसका असर देखा जा रहा है।
सशस्त्र सीमा बल भी अलर्ट, 11 रेस्क्यू टीमें तैयार
इसको देखते हुए सशस्त्र सीमा बल SSB ने भारत नेपाल सीमा पर तैनात अपनी यूनिट्स को अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक तुरंत बचाव और राहत कार्यों के लिए बल की 11 बचाव और राहत टीमें RRTs अलर्ट पर हैं जबकि सात अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।
SSB की टीमें बचाव, राहत और आपातकालीन कार्यों में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए तैयार हैं। यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने के अनुमान और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की संभावना के बीच जारी किया गया है।












