नई दिल्ली: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में शुक्रवार को शक्तिशाली भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7 दर्ज की गई। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 140 किलोमीटर की गहराई में था। इस घटना के बाद क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:35 बजे आया। राहत की बात यह रही कि भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी चेतावनी केंद्र ने भी कहा कि इस घटना से सुनामी का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, भूकंप के कारण किसी तरह के नुकसान या जनहानि को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
140 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र
भूकंप की तीव्रता के साथ उसकी गहराई भी काफी अहम होती है। कामचटका में आया यह भूकंप जमीन के भीतर 140 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। फिलहाल, प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन सामने आने का इंतजार है।
#Earthquake (#землетрясение) confirmed by seismic data.⚠Preliminary info: M7.0 || 123 km SW of #Vilyuchinsk (Russian Federation) || 8 min ago (local time 15:35:32). Follow the thread for the updates👇 https://t.co/DFth8DoEk5
— EMSC (@LastQuake) October 16, 2026
क्यों बार-बार कांपती है कामचटका की धरती?
कामचटका प्रायद्वीप रूस के सुदूर पूर्व में स्थित है। लगभग 1,250 किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र के पश्चिम में ओखोटस्क सागर और पूर्व में प्रशांत महासागर तथा बेरिंग सागर हैं। यहां करीब 3.5 लाख लोग रहते हैं, जिनमें से बड़ी आबादी राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की में रहती है। इस इलाके में भूकंप आने की प्रमुख वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। कामचटका प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है। यह ऐसा क्षेत्र है जहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप आते हैं और ज्वालामुखी सक्रिय रहते हैं।
कामचटका क्षेत्र पहले भी बड़े भूकंपों का सामना कर चुका है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले साल जुलाई में इस क्षेत्र के तट के पास 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद सुनामी भी उठी थी। उस घटना में एक तटीय गांव का हिस्सा समुद्र में बह गया था। फिलहाल, शुक्रवार को आए भूकंप से जुड़े नुकसान और जनहानि की स्थिति स्पष्ट नहीं है।












