नई दिल्ली: अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा ऐलान किया है। नेब्रास्का में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने टैक्स-फ्री लाल रंग वाले डीजल के इस्तेमाल से जुड़ी पाबंदियां हटाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत साल के अंत तक इस ईंधन के हाईवे इस्तेमाल पर संघीय डीजल टैक्स की वसूली को टाला गया है।
क्या है ट्रंप का नया डीजल फैसला?
अमेरिका में लाल रंग वाला डीजल यानी ‘रेड-डाई डीजल’ आम तौर पर खेती के वाहनों, निर्माण मशीनों और दूसरे ऑफ-रोड उपकरणों में इस्तेमाल होता है। इस ईंधन पर सामान्य हाईवे डीजल टैक्स नहीं लगाया जाता। इसकी पहचान के लिए इसमें खास लाल रंग मिलाया जाता है।
ट्रंप के नए आदेश से इस टैक्स-फ्री डीजल के इस्तेमाल को अस्थायी तौर पर हाईवे तक बढ़ाया गया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह व्यवस्था फिलहाल साल के अंत तक लागू रहेगी। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इससे किसानों और ट्रक चालकों को ईंधन की बढ़ती लागत से राहत मिल सकती है।
महंगे ईंधन के बीच आया फैसला
डीजल और दूसरे ईंधनों की बढ़ती कीमतें अमेरिकी परिवारों और कारोबारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे समय में ट्रंप का यह फैसला सीधे ईंधन खर्च कम करने पर केंद्रित है। हालांकि, यह कदम ऐसे वक्त आया है जब रिपब्लिकन पार्टी नवंबर के मिडटर्म चुनाव की तैयारी में जुटी है। ट्रंप देशभर में रैलियां कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
5 हजार डॉलर का वादा भी दोहराया
ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी वयस्क नागरिकों को 5,000 डॉलर देने का अपना वादा भी दोहराया है। उनका कहना है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी 2026 के मिडटर्म चुनाव में प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण बनाए रखती है, तो वह हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को यह रकम देंगे।
हालांकि, 5,000 डॉलर का भुगतान अभी लागू योजना नहीं है। इसे पूरा करने के लिए कांग्रेस की मंजूरी और फंडिंग की जरूरत होगी। अनुमान के मुताबिक, सभी वयस्क नागरिकों को यह रकम देने में 1.2 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा खर्च हो सकता है। इस तरह चुनाव से पहले ट्रंप का फोकस एक तरफ ईंधन की लागत कम करने और दूसरी तरफ सीधे आर्थिक लाभ के वादे पर नजर आ रहा है।












